स्टैंड अप इंडिया: 2.5 लाख दलित उद्यमी तैयार करेगी सरकार

नई दिल्ली (25 मार्च): केंद्र सरकार ने एक और नई योजना के तहत दलित वर्ग के लोगों में उद्यमशीलता बढ़ाने की पहल करने जा रही है। 'स्टैंड अप इंडिया इनीशिएटिव' के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति के 2.5 लाख उद्ममी तैयार किए जाएंगे। सूक्ष्म, लघु, और मध्यम उद्योगों के मंत्री कलराज मिश्रा ने इसकी जानकारी दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कलराज मिश्रा ने शुक्रवार को 5वें राष्ट्रीय उद्योग और व्यापार मेले के उद्घाटन के मौके पर कहा, "स्टैंड-अप इंडिया इनीशिएटिव के तहत, प्रत्येक 1.25 बैंक ब्रांच को SC/ST और महिला उद्यमियों को फंड देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जिससे देश में 2.5 लाख नए उद्यमी तैयार हो सकें।" इस मेले का आयोजन दलित इंडियन चैंबर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डीआईसीसीआई) ने आयोजित किया है।

इस पहल के तहत इनोवेशन आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए विशेष समर्थन का ढांचा रहेगा। जिसमें सरकार की तरफ से फंडिंग भी शामिल है। कलराज ने बताया, "सरकार स्टार्ट अप्स के लिए नए वेंचर्स की शुरुआत करने के लिए जल्द ही एक ब्लूप्रिंट सामने लाएगी।" उन्होंने गौर करते हुए कहा कि पैसों की उपलब्धता हमेशा से ही अहम मुद्दा रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए उनके मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं। 

उन्होंने कहा, "मंत्रालय कई अहम स्कीमों को लागू कर रही है। जिसमें प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम (पीएमईजीपी) शामिल है। पीएमईजीपी एक क्रैडिट लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम है। जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों में रोजगार पैदा किया जा सके। पीएमईजीपी SC/ST बेनिफीशियरीज़ को छूट प्रदान कर रही है। शहरी SC/ST बेनिफीशियरीज़ के लिए, मार्जिन मनी सब्सिडी प्रोजेक्ट कॉस्ट की 25 फीसदी दी जा रही है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह 35 फीसदी है।"