त्योहारों से पहले प्याज के बढ़ते दाम से हरकत में सरकार

नई दिल्ली(30 अग्सत): त्योहारों से ठीक पहले खाने की कुछ वस्तुओं के दाम बढ़ने से सरकार की चिंता बढ़ गई है। खासकर प्याज़ के दाम में जिस तरह की उछाल देखने को मिली है उससे सरकार की नींद खुल गई है। खाद्य और उपभोक्ता मंत्रालय ने राज्यों को इस बात के लिए छूट देने का फ़ैसला किया है कि वो अपनी ज़रूरत के मुताबिक़ प्याज की स्टॉक सीमा तय कर सकें। 

- इसके लिए ज़रूरी आदेश मंत्रालय ने 25 अगस्त को ही जारी कर दिया है। 

- आदेश के बाद अब राज्य सरकारें प्याज़ की जमाखोरी और कालाबाज़ारी रोकने के साथ साथ मुनाफ़ाखोरों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती हैं। स्टॉक की सीमा क्या होगी ये तय करने का अधिकार राज्यों के पास होगा।

- दरअसल प्याज़ के दाम में पिछले एक महीने में उछाल देखने को मिला है। जहां एक महीने पहले इसकी औसतन क़ीमत 15 से 20 रूपये प्रति किलो थी, वहीं आज इसकी क़ीमत बढ़कर महानगरों में औसतन 40 रूपये प्रति किलो हो गई है।

-  सरकार का मानना है कि इस साल प्याज का उत्पादन और बाज़ार में उसकी सप्लाई पिछले साल इस मौसम की तुलना में बेहतर है। ऐसे में सरकार इस नतीज़े पर पहुंची है कि दाम बढ़ाने के पीछे मुनाफ़ाख़ोरी और कालाबाज़ारी जैसे कारण प्रमुख हैं।