'चीन से युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार'

नई दिल्ली (4 जुलाई): डोकलाम मुद्दे पर चीन से हो रहे विवाद के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा है कि हम युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन यह इसका हल नहीं है। सरकार इस मुद्दे को लेकर चीनी राजनयिकों से लगातार बात हो रही है।

एमईए प्रवक्ता गोपाल बागले ने डोकलम मुद्दे पर सवाल पूछने पर कहा गया कि सरकार हर तरह से तैयार है। ये सरकार की जिम्मेदारी है कि वो अपने नागरिकों और अपनी जमीन की रक्षा करे। हम युद्ध के लिए भी तैयार हैं, लेकिन इससे कोई हल नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच राजनयिकों के माध्यम से आपस में मामले को निपटाने के प्रयास जारी हैं। जो दोनों ही तरफ के लोगों को स्वीकार्य हों।

क्या है विवाद...

डोकलाम पठार भूटान की संप्रभुता क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह एक भू-रणनीतिक त्रि-संधि क्षेत्र है, जहां भारत, भूटान और चीन तीनों देशों की सीमाएं मिलती हैं। चीन इस भू-रणनीतिक क्षेत्र में सड़क बनाना चाहता है, जिससे वह इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ा सके। भारत की भू-रणनीतिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस क्षेत्र में चीन की उपस्थिति भविष्य में खतरा उत्पन्न कर सकती है।

भारत और भूटान के मध्य घनिष्ठ संबंध हैं। भूटान ने जब भारत से सहायता का आग्रह किया तो भारत ने एक क्षण की भी देरी न करते हुए अपनी सेना की टुकड़ी को डोकलाम क्षेत्र की सुरक्षा के लिए भेज दिया।