LPG सब्सिडी में बचत से सरकार के खजाने में आए 21,000 करोड़

नई दिल्ली (4 मई): पिछले दो वित्तीय वर्षों में सरकार ने रसाई गैस सब्सिडी में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। ऐसा सब्सिडी की रकम को सीधे वास्तविक उपभोक्ताओं के बैंक खातों में भुगतान करने से नकली कनेक्शन और चोर-बाजारी की समस्या पर रोक लगाने के बाद संभव हुआ है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह जानकारी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने चुनिंदा जिलों में रसोई गैस उपभोक्ताओं के बैंक खातों में सीधे सब्सिडी भुगतान की प्रक्रिया नवंबर 2014 में शुरू की थी। इसे पहली जनवरी 2015 से देश के शेष हिस्सों में भी शुरू कर दिया गया। एक अप्रैल 2015 तक रसोई गैस के 18.19 करोड़ पंजीकृत उपभोक्ता थे। सक्रिय उपभोक्ताओं की संख्या 14.85 करोड़ थी। इसका मतलब है कि 3.34 करोड़ उपभोक्ता खाते नकली, जाली या असक्रिय थे।

मंत्री ने सब्सिडी पर आयोजित एक गोष्ठी में कहा, "3.34 करोड़ ऐसे उपभोक्ताओं को हटाने से 2014-15 में 14,672 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली।" उन्होंने बताया कि 2015-16 में करीब 7,000 करोड़ रुपये की बचत हुई जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले कम है। यह कमी मुख्य तौर पर वैश्विक स्तर पर तेल और गैस के मूल्यों में गिरावट के चलते हुई, क्योंकि इससे सब्सिडी की जरूरत कम हुई।