दिल्ली-गुड़गांव में चलेगी देश की पहली ड्राइवरलेस रोप-वे मेट्रो

नई दिल्ली(3 अक्टूबर): मोदी सरकार ने रोप-वे पर ट्रॉली की तरह चलने वाली पॉड टैक्सी के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। ये प्रोजेक्ट दिल्ली-एनसीआर में लाया जाएगा। 

- नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के तहत ये काम शुरू होगा। 4 ग्लोबल फर्म्स ने भी इसके लिए टेंडर भेजे हैं। ये पायलट प्रोजेक्ट 800 करोड़ रुपए का है। इसे पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) या मेट्रिनो के नाम से भी जाना जाता है। 

- इसमें पैसेंजर एक बिना ड्राइवर के पॉड (ट्रॉली) में सफर करेंगे। ये पॉड्स रोपवे पर चलेंगे।

- 800 करोड़ का ये प्रोजेक्ट दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर एमएच-8 पर शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट एनएच-8 से बादशाहपुर तक 12.3 किमी के दूरी तय करेगा। यह राजीव चौक, इफ्को और सोहना रोड को भी कवर करेगा।

- एक स्ट्रेच में 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। एक पॉड में 5 लोग बैठ सकेंगे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ये पूरा प्रोजेक्ट 4 हजार करोड़ का है।

- पहले फेज में 70 किमी दूरी के धौलाकुआं (दिल्ली) से मानेसर (हरियाणा) को कवर करने का प्लान है। इसका मकसद एनसीआर में ट्रैफिक का दबाव कम करना है।

- ये रोपवे सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा। जमीन से इसकी ऊंचाई 5-10 मीटर होगी।

क्या बोले ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर

- 'इसको लेकर मेरी अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर वेंकैया नायडू से मीटिंग हो चुकी हैं। इसमें फैसला लिया गया कि प्रोजेक्ट को एनएनएआई के तहत डेवलप किया जाएगा।'

- गडकरी ने ये भी कहा कि अब तक चार टेंडर मिले हैं। जल्द ही मेट्रिनो प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंशियल नीलामी बुलाई जाएंगी।