मोदी सरकार ने दी काम ना करने पर इन बड़े बैंक प्रमुखों को सजा


नई दिल्ली (6 मई): बैंकिंग रेगूलेशन एक्‍ट संशोधन अध्यादेश लागू होते ही मोदी सरकार ने काम नहीं करने वाले अधिकारियों पर लगाम लगाना शुरू कर दिया है। सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए PNB समेत कई बड़े बैंकों के प्रमुखों का तबादला कर दिया है। इसके अलावा सरकार ने बैड लोन के भार से जूझ रहे कुछ सरकारी बैंकों में पांच नए एमडी और चीफ एग्जिक्युटिव अधिकारियों की निक्युक्ति भी की गई हैं।


सरकारी बैंकों के प्रबंधन में सुधार की प्रक्रिया के तहत सरकार ने पंजाब नैशनल बैंक (PNB) की मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO ऊषा अनंथासुब्रमण्यन को उनके पद से हटाकर इलाहाबाद बैंक भेज दिया है। इसी तरह, बैंक ऑफ इंडिया के प्रमुख मेलविन रेगो को सिंडिकेट बैंक शिफ्ट कर दिया गया है। पिछले महीने IDBI बैंक के MD और CEO केपी खरत को इंडियन बैंक भेजकर उनकी जगह एमके जैन को लाया गया था।


नोटिफिकेशन में बताया गया है कि कॉर्पोरेशन बैंक के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर सुनील मेहता पीएनबी चीफ के तौर पर अनंथासुब्रमण्यन की जगह लेंगे, जबकि कैनरा बैंक के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर दीनबंधु महापात्र बैंक ऑफ इंडिया में मेलविन रेगो की जिम्मेदारी संभालेंगे। इंडियन ओवरसीज बैंक के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर सुब्रमनिया कुमार को बैड लोन से निपटने का ईनाम दिया गया है। उनका कद बढ़ाते हुए उन्हें एमडी और सीईओ बना दिया गया है। उधर ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर राजकिरण राय का तबादला यूनियन बैंक में एमडी के तौर पर किया गया है।