कालेधन के खुलासे को लेकर बनी योजना से सरकार को मिले 2428 करोड़ रुपए

  नई दिल्ली (6 जनवरी): केंद्र सरकार ने काले धन के खुलासे के लिए एक योजना शुरू की थीं कि योजना के तहत जो लोग या संस्थान विदेशों में जमा काले धन के बारे में खुलासा करेंगे, उन्हें छूट दी जाएगी। यह योजना पिछले साल खत्म हो गई। लेकिन इस योजना का सरकार को कुछ फायदा हुआ है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, 644 संस्थानों या लोगों ने काले धन का खुलासा किया, जिसके चलते सरकार को 2 हजार 428 करोड़ रुपए टैक्स के रूप में मिले। इस संबंध में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि 31 दिसंबर तक सरकार को जुर्माने और टैक्स के रूप में यह रकम मिली है। बयान में आगे कहा गया कि इसमें कुछ गलतियां भी रहीं क्योंकि टैक्स अधिकारियों को पहले ही जानकारियां मिल गई थीं, जिसके चलते कुछ संस्थानें और लोक संपत्तियों का खुलासा करने के योग्य नहीं रह गए थे। जबकि, कुछ राशि तय समय के बाद जमा करवाई गई।

बताया गया कि योजना के तहत उपलब्ध करवाए गए कंप्लायंस विंडो के तहत करीब 644 घोषणाएं की गई। यह विंडो 30 सितंबर 2015 बंद हो गई थी। इन 644 खुलासों के जरिए 4 हजार 164 करोड़ रुपयों का पता चला। बयान में आगे कहा गया कि खुलासा करने वालों को 30 प्रतिशत की दर से टैक्स जमा करने और 31 दिसंबर 2015 तक जुर्माने की 30 प्रतिशत राशि जमा करने को कहा गया था। टैक्स और जुर्माने के तहत 31 दिसंबर तक 2 हजार 428 करोड़ रुपए प्राप्त हुए।