सरकार इस स्कीम के तहत आपके खाते में हर महीने डालेगी इतने रुपए!

नई दिल्ली ( 17 जनवरी ): सरकार एक महत्वाकांक्षी इनकम ट्रांसफर योजना पर विचार कर रही है, जो नेशनल सोशल सिक्यॉरिटी सिस्टम का आधार बन सकती है। हालांकि, इस बात को लेकर अभी एक राय नहीं है कि इसे यूनिवर्सल बेसिक स्कीम बनाया जाए या इसके जरिए केवल सबसे कमजोर तबके को मदद दी जाए। देश में गरीबी की समस्या को कम करने के लिए इस स्कीम पर विचार किया जा रहा है। इसकी घोषणा बजट में हो सकती है।

एक अधिकारी ने बताया, 'इस तरह की स्कीम के फायदों और नुकसानों पर विचार किया जा रहा है।' उनका कहना था कि इसका फायदा सही लाभार्थियों तक पहुंचाना एक समस्या हो सकती है। इसके साथ ही इससे वित्तीय घाटा भी काफी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला इन कारणों को ध्यान में रखकर लेना होगा। देश के लगभग 20 करोड़ निर्धन लोगों को 1,500 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराने पर सरकार को लगभग 3 लाख करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इसके लिए संसाधन जुटाना मुश्किल हो सकता है।

सरकार फाइनेंशियल इयर 2018 तक फिस्कल डेफिसिट को जीडीपी के 3 पर्सेंट पर लाना चाहती है। एक कमिटी इसके लिए रोडमैप की समीक्षा कर रही है। हालांकि, अगर नोटबंदी और गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के आगामी लॉन्च से सरकार की आमदनी बढ़ती है तो वह इस तरह की स्कीम शुरू करने के लिए अच्छी स्थिति में हो सकती है।

इस स्कीम के दायरे में ऐसे बेरोजगारों का शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है जिनके पास आमदनी का कोई स्रोत नहीं है। एक विचार परिवार की महिला के हाथ में पैसा देने का है जिससे उसका बेहतर इस्तेमाल हो सके। दुनिया के कुछ देशों में इस तरह की स्कीमें पहले से चल रही हैं। फिनलैंड ने हाल ही में रोजगार की खोज करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक बेसिक इनकम स्कीम घोषित की थी। ब्रिटेन सरकार बेरोजगारों को भत्ता देती है।

जम्मू और कश्मीर सरकार ने पिछले सप्ताह अपने बजट में एक यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम शुरू करने की बात कही थी। ऐसा करने वाला जम्मू और कश्मीर देश का पहला राज्य होगा। चीफ इकॉनमिक अडवाइजर अरविंद सुब्रमणियन का कहना है कि यूनिवर्सल बेसिक इनकम से गरीबी से निपटने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस तरह की योजना को लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा। नीति आयोग के वाइस-चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया ने कहा था, 'मेरी व्यक्तिगत राय यूनिवर्सल ट्रांसफर के बजाय टारगेटेड स्कीम के पक्ष में है।'