पीड़ित परिवारों को गुमराह कर रही थीं सुषमा स्वराज, अब माफी मांगें: कांग्रेस

नई दिल्ली (20 मार्च): इराक के मोसुल से 4 साल पहले अगवा हुए 39 भारतीय नागरिक मारे जा चुके हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद संसद को इसकी जानकारी दी। 2014 में भारत से मोसुल में काम करने गए मजदूरों को आतंकियों ने अगवा कर लिया था। जब उन्होंने भागने की कोशिश की तो आईएसआईएस के आतंकियों ने उन्हें घेरकर मार दिया। हालांकि, बंधकों में से अपनी जान बचाकर भारत लौटने वाले हरजीत मसीह ने पहले ही दावा किया था कि बाकी सभी 39 भारतीय मार दिए गए हैं, लेकिन सरकार ने उनके इस दावे को मानने से इनकार कर दिया।पिछले साल जुलाई में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने साफ कह दिया कि जब तक सबूत नहीं मिल जाते, वो अगवा किए भारतीयों को मृत नहीं मान सकतीं।

वहीं कांग्रेस इस घटना को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है। कांग्रेस की महासचिव अंबिका सोनी ने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को घेरा। अंबिका सोनी ने कहा कि सुषमा स्वराज पीड़ित परिवारों से जाकर मिलें और सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। अबिका सोना ने कहा, 'सुषमा स्वराज पीड़ित परिवारों को बताएं कि उन्होंने उन्हें अंधेरे में रखा कि उनके पास कोई ठोक जानकारी नहीं थी।'

We want EAM Sushma Swaraj to go & meet the families of the deceased & apologise publicly. She should say that she kept them in the dark and that she had no concrete information: Ambika Soni, Senior Congress leader on 39 Indians killed in Iraq's #Mosul pic.twitter.com/7WBdydMm8m

— ANI (@ANI) March 20, 2018