7वां वेतन आयोग: सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, जानिए खास बातें

नई दिल्ली (27 जुलाई): मोदी सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल के लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी की। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अब जुलाई की जो सैलरी अगस्त में आती है वो बढ़कर आएगी। 

- 1 जनवरी से 30 जून तक का 6 महीने का एरियर इसी वित्तीय वर्ष में मार्च 2017 से पहले मिल जाएगा।  - सेंट्रल गवर्नमेंट के 47 लाख इम्प्लॉइज और 53 लाख पेंशनर्स को मिलेगा इसका फायदा।  - नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सरकार अब नॉन-परफॉर्मिंग इम्प्लॉइज को इंक्रीमेंट नहीं देगी। - प्राइवेट कंपनियों की तरह ही अब केंद्र सरकार अपने नॉन परफॉर्मिंग इम्प्लॉइज को एनुअल इंक्रीमेंट नहीं देगी। - सातवें वेतन आयोग के चेयरमैन जस्टिस ए. के. माथुर ने कहा, "प्रमोशन और इंक्रीमेंट के लिए बेंचमार्क लेवल को 'गुड' से बढ़ाकर 'वेरी गुड' कर दिया गया है। ऐसे में जिन इम्प्लॉइज का काम 'वेरी गुड' कैटेगरी में होगा, सिर्फ उन्हें ही सालाना इंक्रीमेंट मिलेगा।" - प्रमोशन के लिए भी वेरी गुड रेटिंग जरूरी कर दी गई है। अब प्रमोशन तभी मिलेगा जब टोटल सर्विस पीरियड में इम्प्लॉई को 'गुड' से ज्यादा 'वेरी गुड' रेटिंग मिलेगी। - उदाहरण के तौर पर अगर किसी को 10 साल बाद प्रमोशन मिलना है और इन 10 सालों में उसे 6 गुड और 4 वेरी गुड रेटिंग मिली है तो प्रमोशन नहीं मिलेगा। - फिलहाल ये सारे नियम अभी केंद्र सरकार के इम्प्लॉइज पर ही लागू होगा। - माथुर के मुताबिक, अगर किसी इम्प्लॉई को लगातार 20 साल तक उसके खराब काम के चलते ना इंक्रीमेंट मिले और ना प्रमोशन, तो ऐसे इम्प्लॉई को रिटायर होने तक उसी पोस्ट और सैलरी पर रखा जाएगा, जिस पर वो उस समय होगा। - सरकार फ्यूचर में ऐसे नॉन परफॉर्मर इम्प्लॉइज को नौकरी से हटाने का नियम भी बना सकती है। - सरकार ने जून में आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी थी।