खत्म होगी एयरलाइंस की मनमानी, उड्डयन मंत्रालय ने किए कई बड़े ऐलान

नई दिल्ली (12 जून): एयरलाइंस की मनमानी और उनकी लूट से परेशान हवाई यात्रियों के अच्छे दिन बस आने ही वाले हैं। शनिवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई यात्रियों को एयरलाइंस की मनमानी से निजात दिलाने के लिए कई बड़े एलान किए।

डीजीसीए ने हवाई यात्रियों को राहत देने के लिए पुराने नियमों में बदलाव करते हुए नए नियमों का खाका पेश किया है। नए प्रस्तावित संशोधित नियमों के मुताबिक अगर कोई हवाई टिकट कैंसल करता है तो एयरलाइंस बेसिक फेयर से ज्यादा कैंसिलेशन चार्ज नहीं वसूल सकेंगी। 

यात्री से वसूला गया सभी तरह का टैक्स जैसे सर्विस टैक्स, यूडीएफ, पैसेंजर सर्विस फीस, फ्यूल सरचार्ज वापस करना होगा। एयरलाइंस रिफंड करने के लिए कोई अतिरिक्त चार्ज भी नहीं वसूलेगी. टिकट कैंसल होने पर घरेलू एयरलाइंस को 15 और विदेशी एयरलाइंस को तीस दिन के अंदर रिफंड प्रक्रिया को पूरा करना होगा।

यात्री का जिस विमान में टिकट है अगर उसमें बोर्डिंग नहीं करने दी जाती है तो एयरलाइंस को यात्री टिकट के पैसे के अलावा 10,000 से लेकर 20,000 रुपये तक मुआवजा देना होगा। वहीं उड़ान के समय के 24 घंटे के भीतर अगर एयरलाइंस फ्लाइट कैंसिलेशन की जानकारी देता है तो टिकट किराये की वापसी के साथ 10,000 रुपये तक मुआवजा देना होगा।  

यात्रियों के बैगेज पर लगने वाले चार्ज के तौर तरीकों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। 15 किलो तक के बैगेज पर कोई चार्ज नहीं देना होगा। लेकिन 15 से 20 किलो के बीच के बैगेज पर 100 रुपये प्रति किलो के दर से भुगतान करना होगा। पहले एयरलाइंस 300 रुपये किलो तक चार्ज वसूलती थी। ये नियम 15 जून से लागू माने जायेंगे।

दरअसल जब भी हवाई यात्री टिकट बुक कराते है और किसी कारणवश उन्होंने टिकट रद्द किया तो कई बार उन्हें एक रुपया भी रिफंड नहीं मिलता। सरकार ने एयरलाइंस के इस मनमानी पर नकेल कसने की अब पूरी तैयारी कर ली है।