'सरकारी बैंकों ने वित्त वर्ष 2017-18 में 81683 करोड़ रुपये लोन बट्टे खाते में डाले'

नई दिल्ली (6 मार्च): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए कहा कि देश की सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंको ने वित्त वर्ष 2016-17 में 81,683 करोड़ रुपए के लोन बट्टे खाते में डाले। उन्होंने कहा कि टैक्स बेनिफिस्ट और कैपिटल ऑप्टिमाइजेशन के लिए ये लोन बट्टे खाते में डाले गए हैं। हालांकि कर्ज के लेनदार रिपेमेंट के लिए जवाबदेह बने रहेंगे।

वित्त मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान सरकारी बैंकों के बट्टे खाते में डाले गए 81,683 करोड़ के लोन में से अकेले SBI का हिस्सा 20,339 करोड़ रुपए का है। आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए (सितंबर 2017 तक) बट्टे खाते में डाली गई राष्ट्रीय बैंकों की लोन राशि 28,781 करोड़ रुपए की है।

RBI के दिशानिर्देशों और बैंक बोर्ड्स की ओर से मंजूर पॉलिसी के अंतर्गत नॉन परफॉर्मिंग लोन्स को बट्टे खाते के माध्यम से बैंक की बैलेंसशीट से हटा दिया गया है, जिसमें वे लोन भी शामिल हैं जिनकी 4 साल पूरा होने पर फुल प्रोविजनिंग कर दी गई है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि बकाया वसूली के लिए कानूनी तौर तरीकों से काम लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बट्टे खाते का बॉरोअर्स को फायदा नहीं मिलेगा।