बाॅर्डर पर एसएसबी नहीं आईबी, 2000 जवानों को आईबी में शामिल करने को मंजूरी

नई दिल्ली ( 7 सितंबर ): सीमा पर खूफिया तंत्र की मजबूती के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सीमा सशस्त्र बल के 2000 से अधिक जवानों को पूर्वी सीमा पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में ट्रांसफर किए जाने की तैयारी चल रही है। 

गौरतलब है कि भारत पूर्वी सीमा पर सड़कों और सैन्य बुनियादी ढांचों का निर्माण कर अपना रक्षा मजबूत करने में जुटा है। खबरों के मुताबिक एसएसबी के नागरिक संवर्ग की कुल 2,765 चौकियां अगले सालभर में आईबी की कमान में आ जाएंगी। उनमें से 2,039 चौकियां अभी चालू हैं। इस बारे में उपलब्ध ब्लूप्रिंट में कहा गया है, 'एसएसबी की नागरिक शाखा आईबी के हवाले की जाएगी, उसके भंडार और अन्य चीजें जैसे जमीन, भौतिक बुनियादी ढांचे उपकरण आदि आईबी के कमान में होंगे।'

इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी रखने वाले एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक श्रमबल और बुनियादी ढांचे को अंतरित करने का 300 पन्नों का प्रस्ताव यहां एसएसबी मुख्यालय में तैयार किया गया और उसका गृह मंत्रालय एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कार्यालय ने क्रियान्वयन के संदर्भ में मूल्यांकन किया।

उन्होंने बताया कि एसएसबी की नागरिक इकाई के श्रमबल, जिसे मृतप्राय बताया जाता है क्योंकि उसमें प्रोन्नति और कार्य मौके नहीं हैं, को पूर्वी सीमा पर आईबी की उपस्थिति बढ़ाने के लिए तैनात किया जाएगा जहां इन अधिकारियों ने लंबे वक्त तक काम किया है।