ब्रॉन्ज से चूके लक्ष्मणन को किया खेल मंत्री ने किया सम्मानित, कहा- वह हमारे चैंपियन

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 6 सितंबर ): खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गुरुवार एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ स्पर्धा में नाटकीय अंदाज में डिस्क्वॉलिफाइ होने वाले खिलाड़ी गोविंदन लक्ष्मणन को 10 लाख रुपये की राशि से सम्मानित किया। खेल मंत्रालय ने लक्ष्मणन को उतनी ही राशि दी है, जितनी उसने इन खेलों में ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने वाले खिलाड़ियों को इनाम के रूप में दी है। इस दौड़ में लक्ष्मणन तीसरे स्थान पर थे, लेकिन तकनीकी आधार पर उन्हें डिस्क्वॉलिफाइ होना पड़ा।

हाल ही जकार्ता में संपन्न हुए एशियंस गेम्स की ऐथलेटिक्स की 10,000 मीटर दौड़ स्पर्धा से एक और ब्रॉन्ज मेडल आता, लेकिन तकनीकी आधार पर भारत को यह मेडल गंवाना पड़ा। भारत के गोविंदन लक्ष्मणन इस रेस में तीसरे स्थान पर थे। लेकिन अपनी दौड़ के दौरान वह भूलवश अपनी लेन से भटक गए और बाद में रेफरियों ने विडियो फुटेज देखकर उन्हें डिस्क्वॉलिफाइ कर दिया। लक्ष्णन के साथ-साथ पूरे देश के लिए यह छोटी सी भूल निराशाजनक रही। हालांकि खेल मंत्रालय ने इसके बावजूद लक्ष्णन की मेहनत और जज्बे की सराहना की है।खेल मंत्री ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। अपने ट्वीट में राठौड़ ने लिखा, 'एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ स्पर्धा में गोविंदन लक्ष्मणन ने मेडल-विनिंग परफॉर्मेंस दी, लेकिन एक छोटी सी तकनीकी गलती से उन्हें डिस्क्वॉलिफाइ होना पड़ा। '  

'इसके बावजूद, वह हमारे लिए चैंपियन हैं और हम अपने चैंपियन के हैं। उनसे मिलना और उन्हें सम्मानित करना यह मेरे लिए गर्व का क्षण है।' इस मौके पर खेल मंत्री ने लक्ष्मणन को 10 लाख रुपये का चेक दिया है। भारत ने इन खेलों में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अधिक पदक अपने नाम किए हैं। इन खेलों में भारत के नाम 15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 30 ब्रॉन्ज मेडल समेत कुल 69 पदक मिले। बता दें लक्ष्मणन ने अपनी रेस तीसरे स्थान पर रहते हुए 29 मिनट 44.91 सेकंड का समय निकाला था। 

इस दौड़ में वह बेहरीन के चानी हसन (गोल्ड मेडल) 28 मिनट 35.54 सेकंड और बेहरीन के ही चेरोबेन अब्राहम (सिल्वर मेडल) 29 मिनट 00.29 सेकंड के बाद तीसरे स्थान पर थे। लक्ष्मणन के बाद चीन के चांगहोंग झाओ चौथे स्थान पर थे, जिन्हें लक्ष्मणन के डिस्क्वॉलिफाइ होने के बाद तीसरा स्थान और ब्रॉन्ज मेडल मिला। भले ही लक्ष्मणन इस बार मेडल से चूक गए हों, लेकिन आगामी स्पर्धाओं में उनसे मेडल की उम्मीद होगी।