कैराना मामले में राज्यपाल राम नाइक ने राष्ट्रपति को भेजी 'गोपनीय' रिपोर्ट

ज्ञानेंद्र शुक्ला, मानस श्रीवास्तव, नई दिल्ली (11 जुलाई): यूपी के महाभारत में बीजेपी कैराना-कैराना कर रही है। यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने भी राष्ट्रपति को कैराना मुद्दे पर अपनी गोपनीय रिपोर्ट भेज दी है। समाजवादी पार्टी ने गवर्नर पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राजभवन बीजेपी का दफ्तर बन गया है। कानपुर में भी RSS की अहम बैठक चल रही है, जिसमें कैराना को विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने की रणनीति पर मंथन चल रहा है। 

अमित शाह के दिल में कैराना है। बीजेपी की पूरी कोशिश है कि मुद्दा ठंडा नहीं होना चाहिए और इसके लिए पश्चिमी यूपी में लगातार माहौल गर्म रखा जाए। अब यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने कैराना, मथुरा और दादरी मुद्दे पर एक स्पेशल रिपोर्ट राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भेजी है। राज्यपाल की रिपोर्ट में यूपी की कानन-व्यवस्था को लेकर अखिलेश सरकार पर गंभीर सवाल खडे किये गए हैं। अखिलेश सरकार पर एक तरफा कार्रवाई के आरोप लगे हैं। सूबे के खुफिया तंत्र पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। 

राज्यपाल राम नाईक की रिपोर्ट के बाद यूपी की राजनीति में नया भूचाल आ गया है। समाजवादी पार्टी ने राजभवन पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं और राजभवन को BJP का दफ्तर बता दिया।  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यूपी के राजनीतिक तापमान को अच्छी तरह समझ रहे हैं। उनकी नजर लखनऊ से करीब 80 किलोमीटर दूर कानपुर में चल रही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की बैठक पर है। जहां कैराना मुद्दे को चुनाव में बड़ा करने की रणनीति पर महामंथन चल रहा है। 

मुख्यमंत्री, यूपी (जो लोग यूपी की फिजाओ मे कार्बन डाई आक्साईड फैलाने की कोशिश कर रहे है सपा की आक्सीजन उसे खत्म कर देगी। दरअसल, कैराना मुद्दे के जरिए बीजेपी पूरे पश्चिमी यूपी में कमल खिलाने के बड़े प्लान पर काम कर रही है। 

मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल में कुल 71 विधानसभा सीटे हैं। जब यहां 65 सीटे हुआ करती थी, तब बीजेपी ने 41 सीटें तक जीती हैं। इन तीनों मंडलों में कुल 14 जिले हैं। इन 14 जिलों में 14 लोकसभा सीटे हैं जो सारी की सारी बीजेपी के पास है। इसलिए पश्चिमी यूपी की इन 71 सीटों में कम से कम 50 सीटें जीतने की बीजेपी ने रणनीति बनाई है और इसके लिए हिन्दुत्व से जुड़े छोटे मुद्दे को भी बड़ा बनाकर पेश करने की तैयारी है। वीएचपी और बजरंग दल जैसे संगठन भी इस इलाके में हो- हल्ला मचाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाते रहेंगे।

पश्चिमी यूपी में बीजेपी को सरकार बनाने की सबसे उपजाऊ सियासी जमीन दिखाई दे रही है। जिसमें कैराना जैसे मुद्दे कमल के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। मतलब, जिस जातीय समीकरण और तुष्टिकरण की राजनीति करके समाजवादी पार्टी और बीएसपी ने अब तक यूपी पर राज किया, उसी हथियार से अब बीजेपी लखनऊ में राज करने की तैयारी कर चुकी है। इसीलिए, भगवा ब्रिगेड कैराना के मुद्दों को किसी कीमत पर ठंडा नहीं होने देना चाहती।