सेवाओं में सुधार के लिए स्टेडियमों का निजीकरण करेगी सरकार

नई दिल्ली (20 दिसंबर): खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के अंतर्गत आने वाले कुछ स्टेडियमों के निजीकरण की बात कही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जाएगा, ताकि स्टेडियमों की सेवाओं में सुधार लाया जा सके, जिससे खिलाडय़िों को खेलने का बेहतर अनुभव मुहैया कराया जा सकता है।

एक कार्यक्रम के दौरान कहा राठौड़ ने कहा, कि खिलाडय़िों को बेहतर सुविधाएं देने के मामले में हम बेहतर संचालन के लिए अपने कुछ स्टेडियमों के निजीकरण पर विचार कर रहे हैं। सामान्य अध्ययन किया गया है कि कैसे स्टेडियमों में सुधार किया जा सकता है। तथ्य यह है कि स्टेडियमों का प्रशासन जिस तरह किया जाता है उसमें सुधार की जरूरत है। 

उन्होंने कहा, स्टेडियम में सेवा की गुणवत्ता और खेलने का क्षेत्र बेहतर होना चाहिए। खेलने के अनुभव में सुधार की जरूरत है। 1982 एशियाई खेलों के आयोजन में मदद और इन स्टेडियमों की देखरेख के लिए इन खेलों से पहले साइ का गठन किया गया। तब की तुलना में अधिकार बढ़ गए हैं और मुझे लगता है कि समय आ गया है कि हम जितना संभव हो उतने हितधारकों को इसके साथ जोड़ें। 

राठौड़ ने कहा कि निजीकरण कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी या पीपीपी (सार्वजनिक निजी साझेदारी) माडल के तहत होगा। एथेंस ओलंपिक के रजत पदक विजेता राठौड़ ईएलएमएस (एक्सीलेंस इन लनिग एंड मास्टरिंग आफ स्पोट्र्स एंड फिजिकल लिटरेसी) फाउंडेशन के लांच के अवसर पर बोल रहे थे।