डाटा शेयरिंग पर सरकार ने फेसबुक से 20 जून तक मांगा जवाब

नई दिल्ली (08 जून): सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक से भारत सरकार ने उन खबरों पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिनमें कहा गया कि उसने अन्य डिवाइस निर्माताओं को यूजर्स की स्पष्ट सहमति के बिना उनकी निजी जानकारी मुहैया कराई, जिसमें उनके दोस्तों की जानकारी भी शामिल थी। फेसबुक को 20 जून तक विस्तृत और तथ्यों के साथ जवाब देने को कहा गया है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, 'इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने फेसबुक से जवाब मांगा है। इस मुद्दे पर विस्तृत और तथ्यपूर्ण रिपोर्ट तलब की गई है।' आपको बता दें कि कि एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि फेसबुक का Huawei समेत कम से कम चार चीनी कंपनियों के साथ डेटा साझा समझौते हैं। फेसबुक ने स्वीकार किया है कि उसने यूजर्स का डेटा को चीनी कंपनियों वावे, लेनोवो, ओप्पो और टीसीएल के साथ साझा किया था। 

बयान में कहा गया कि ताजा रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने यूजर्स की व्यक्तिगत और यहां तक की उनके दोस्तों की जानकारियां उनकी अनुमति के बिना फोन और दूसरे डिवाइस मैन्युफैक्चरर्स के साथ शेयर किया। बयान में आगे कहा गया है 'भारत सरकार इस तरह के उल्लंघन और खामियों को लेकर चिंतित है। कैंब्रिज एनालिटिका प्रकरण के बाद नोटिस के जवाब में फेसबुक ने माफी मांगी थी और ठोस भरोसा दिया था कि वह यूजर्स की प्राइवेसी की रक्षा के लिए गंभीर प्रयास करेंगे। हालांकि, इस तरह के रिपोर्ट फेसबुक द्वारा दिए गए भरोसे पर असहज करने वाले सवाल उठाता है।' कैंब्रिज एनालिटिका के साथ डेटा लीक्स के मामले में फेसबुक ने स्वीकार किया था कि भारत के 335 लोगों पर इसका सीधा असर पड़ा था और दूसरे 5,62,120 लोगों पर आंशिक असर पड़ा था।