'प्रदूषण पर WHO की रिपोर्ट भ्रामक, सही रिपोर्ट जल्द सामने लाएगा भारत'

नई दिल्ली (18 मई): हाल ही में प्रदूषण पर आधारित वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट आई है। जिसमें भारत के 30 शहरों को दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट को केंद्रीय पर्यावरण राज्यमंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को इस रिपोर्ट को "भ्रामक" करार दिया है। साथ ही कहा है कि भारत जल्द ही वायु प्रदूषण के आंकड़ों पर आधारिक एक रिपोर्ट लाएगा। जो दुनिया भर के देशों के अहम शहरों पर आधारित होगी। इसमें अमेरिका और यूरोप के शहर भी शामिल किए जाएंगे।

'इकॉनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, जावड़ेकर ने कहा कि डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट में हवा की गुणवत्ता की जांच करते समय कई महत्वपूर्ण प्रदूषकों में विभाजित नहीं किया गया है, जैसे- सल्फर डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन डाईऑक्साइड और बेंजीन। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि क्यों पश्चिमी देशों का ध्यान खुदपर ना होकर ज्यादातर भारत और कुछ अन्य देशों पर ही क्यों रहता है।  

डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट 2012-13 के आंकड़ों पर आधारित है। इसे पर्टीकुलेट मैटर पीएम 10 और पीएम 2.5 को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जिसमें दिल्ली को दुनिया के ग्यारहवें सबसे प्रदूषित शहर का स्थान दिया गया है। पर्यावरणविदों ने इस रिपोर्ट पर सावधानी बरतने को कहा है। साथ ही कहा जा रहा है कि यह असली तस्वीर नहीं है।

मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदूषण के आंकड़ों पर जल्द ही रिपोर्ट लाएगी। जिसमें अमेरिका और यूरोप के अहम शहरों को शामिल किया जाएगा।