1700 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा सौदों को मंजूरी, नेवी को 'बराक' और एयरफोर्स को मिलेगा 'गाइडेड बम'

नई दिल्ली (3 जनवरी): मोदी सरकार ने वायु सेना और नेवी को हाईटेक हथियारों से लैस करने के लिए 1700 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा सौदों को मंजूरी दी है। इससे नेवी के लिए इजराइल से बराक मिसाइलें और एयरफोर्स के लिए रूस से अचूक गाइडेड़ बम खरीदे जाएंगे। नए हथियार आते ही एयरफोर्स और नेवी का तरकश और मजबूत हो जाएगा।  यरफोर्स और नेवी के लिए 1714 करोड़ रुपये के हथियारों की खरीद के लिए सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है । इस पैसे से रूस से एयरफोर्स के लिए 240 गाइडेड बम खरीदे जाएंगे। जबकि इजरायल से नेवी के लिए 131 बराक मिसाइलें खरीदी जाएंगी।

मोदी सरकार ने रूस से जिस गाइडेड बम को खरीदने का प्लान बनाया है, एक बम की कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने वाले इस बम की सबसे बड़ी खासियत ये है कि गाइडेड बम 

- खुद हिलते-डुलते लक्ष्य पर सटीक निशाना साधने में सक्षम है - खुद अपना टारगेट खोज कर हमला कर देता है - छोटे से टारगेट पर भी सटीक प्रहार करता है  - इसे बाहरी डिवाइस से कंट्रोल किया जाता है

मतलब, भारतीय वायुसेना के तरकश में इस हाईटेक बम के आने के बाद दुश्मनों के अड्डों को पल भर में बिना किसी नुकसान के नेस्तानाबूत किया जा सकता है। हिलते-डुलते टारगेट पर खुद ही सटीक निशाना लगाने और नेस्तानाबूत करनेवाले इस गाइडेड बम का इस्तेमाल सबसे पहले जर्मनी ने किया। बाद में कई मोर्चों पर इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ। अब मोदी सरकार रूस से 1254 करोड़ रुपये में 240 गाइडेड बम खरीद रही है, जिससे हिंदुस्तान की आसमानी सुरक्षा और मजबूत की जा सके। 

हिंदुस्तान के जंगी बेड़े में गाइडेड बम शामिल होने से वायुसेना की ताकत बहुत बढ़ जाएगी। भारतीय वायुसेना पहले ही अपने सुखोई लड़ाई विमानों से ब्रह्मोस मिसाइल फायर करने का सफल परीक्षण कर चुकी है। सरकार नौसेना के लिए 131 बराक मिसाइलें खरीदने का फैसला किया है। एक मिसाइल की कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये है। इन मिसाइलों की मारक क्षमता 50 किलोमीटर से लेकर 70 किलोमीटर तक है। पहले भी भारत और इजरायल ने एक साथ बराक मिसाइलें बनाने का समझौता किया था। अब 131 बराक मिसाइलें मिलते ही भारतीय नौसेना के जंगी जहाजों से हवा में दुश्मन पर हमला करने की ताकत में बहुत इजाफा होगा।