नहीं होगा डाटा लीक, क्लाउड स्टोरेज डाटा भी देश के अंदर रखने की तैयारी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (4 अगस्त): क्लाउड कंप्यूटिंग नीति पर काम कर रहे भारत सरकार के एक पैनल ने सुझाव दिया है कि पर्सनल डेटा को सिर्फ देश में स्टोर किया जाए। रॉयटर्स की एक खबर के मुताबिक, पैनल ने रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि देश में जनरेट होने वाला डाटा देश से बाहर न स्टोर किया जाए बल्कि देश में ही इसकी स्टोरेज की जाए। इससे डाटा लीक जैसे मामलों में जांच पड़ताल करने में आसानी होगी।

यह एक ऐसा प्रस्ताव जिससे अमेजन वेब सर्विस, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों को झटका लग सकता है, जो इस तरह की सर्विस ऑफर करती हैं। अगर सरकार इसपर आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में डेटा सर्विस महंगी हो सकती है जो कि ग्राहकों से वसुला जाएगा।

गौरतलब है कि भारत डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है ऐसे में अगर भारत में ही डाटा को स्टोर किया जाएगा तो देश में डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। अभी तक हमारे देश में फोन या कंप्यूटर का डिजिटल डाटा किसी दूसरे कंपनी (विदेश) के सर्वर पर स्टोर होता है। और इस डाटा का रखरखाव की जिम्मेदारी भी इन्हीं कंपनियों के पास होती है।  

सूत्रों के मुताबिक, इसमें सिफारिश की गई है कि भारत में जेनरेट होने वाला हर डाटा भारत के अंदर ही स्टोर किया जाना चाहिए। समिति अपनी सिफारिशें अगस्त के आखिर तक या सितंबर के पहले पखवाड़े में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सौंपेगी। समिति की सिफारिशें अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।

कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा लोगों फेसबुक डाटा का दुरुपयोग करने और इस तरह के अन्य मामलों के बाद से सरकार डाटा सुरक्षा को लेकर व्यापक रणनीति बनाने में सक्रियता से जुट गई है। क्लाउड कंप्यूटिंग के साथ-साथ पेमेंट सेवा देने वाली कंपनियों और ई-कॉमर्स सेक्टर से जुड़े डाटा भी देश के अंदर ही रखने की नीति भी तैयार की जा रही है।