5,000 रुपये तक के रिफंड को जल्द से जल्द निपटाने का आदेश

नई दिल्ली (16 जुलाई): केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग को निर्देश दिया है कि वह करदाताओं को तुरंत राहत पहुंचाते हुए पिछले 3 साल के 5,000 रुपये तक के लंबित कर रिफंड को जल्द से जल्द जारी करे।

सीबीडीटी ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पिछले 3 वित्त वर्ष 2013-14, 2014-15 और 2015-16 के ऐसे मामले जिनमें 5,000 रुपये तक के बकाये रिफंड को जल्द जारी कर, इसी वित्त वर्ष में इन्हें निपटाया जाना चाहिए। बोर्ड ने कहा है कि उसके पास उपलब्ध ताजा आंकड़ों से यह पता चलता है कि ऐसे बड़ी संख्या में बिना जांच वाले मामले हैं जिनमें 5,000 रुपये तक का रिफंड लंबित है और उसे जारी नहीं किया गया है।

सीबीडीटी ने देशभर में स्थित अपने सभी कार्यालयों में टैक्स अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह इस प्रकार लंबित रिफंड को आयकर की धारा 245 के तहत करदाता पर बकाया किसी भी कर मांग के एवज में समायोजित नहीं करें और उसका तुरंत भुगतान जारी करें।

सीबीडीटी ने हालांकि इसके साथ ही यह भी कहा है कि जिन मामलों में धारा 245 के तहत नोटिस प्राप्त कर लिया गया है और करदाता ने 60 दिन की तय अवधि के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया है, ऐसे मामलों में यह मान लिया जाये कि करदाता को बकाया राशि के समायोजन को लेकर कोई एतराज नहीं है. इसी के अनुरूप रिटर्न को आगे बढ़ाया जाये और शेष रिफंड यदि कोई है तो करदाता को जारी कर दिया जाये।