सलमान मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी राजस्थान सरकार

नई दिल्ली (25 जुलाई): काला हिरण और चिंकारा शिकार के मामले में हाई कोर्ट से बॉलीवुड के दबंग खान को मिली राहत के खिलाफ राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया है। जोधपुर हाईकोर्ट ने आज सलमान खान को बड़ी राहत देते हुए इन दोनों मामलों से बरी कर दिया है।

आखिर क्या था ये पूरा मामला: सलमान खान 1998 में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के लिए जोधपुर थे। आरोप है कि फिल्म की शूटिंग के दौरान सलमान अपने साथियों के साथ जोधपुर में शिकार खेलने गए और सलमान ने चिंकारा और काले हिरणों का शिकार किया। आरोप है कि जिन हथियारों से शिकार किया गया उसका लाइसेंस पहले ही खत्म हो चुका था। 15 अक्टूबर 1998 को सलमान ख़ान और उनके साथियों के खिलाफ वन विभाग ने जोधपुर में चार केस दर्ज कराए। पहला केस आर्म्स एक्ट के तहत और बाकी के तीन काले हिरण के शिकार के मामले में दर्ज किए गए हैं।

काले हिरण का पहला केस: सितंबर 1998 में सलमान के खिलाफ हिरणों के शिकार करने के दो अलग-अलग मामले दर्ज हुए थे। पहला मामला भवाद के पास शिकार कर हिरण के मांस को होटल में पका कर खाने का था। पुलिस ने वन्य जीव अधिनियम की धारा 51 के तहत मामला दर्ज किया था।

17 फरवरी 2006 को जोधपुर की सीजेएम कोर्ट ने एक साल की सजा और पांच हजार रुपए का आर्थिक दंड सुनाया था। इस मामले में सलमान को जमानत मिल गई। इसके बाद इस मामले में सलमान की ओर से जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में एक अर्जी दी गई थी।

काले हिरण का दूसरा केस: वहीं दूसरा मामला सितंबर 1998 का है। हिरणों का शिकार कर घोड़ा फॉर्म हाउस में उनको पका कर खाने का आरोप था। सीजेएम कोर्ट ने वन्य जीव अधिनियम की धारा 51 के तहत 10 अप्रैल 2006 को पांच साल की सजा और 25 हजार रुपए का आर्थिक दंड दिया। इसके खिलाफ सलमान की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में एक अपील की गई। इसे 24 अगस्त 2007 को खारिज कर दिया गया और सलमान को जेल भेजा गया, इस दौरान वह 7 दिनों तक जेल में भी रहे।

31 अगस्त को न्यायाधीश एचआर पवार ने सलमान को एक लाख रूपए के मुचलकों पर रिहा करने के आदेश दिए थे। दोनों मामलों में सजा होने के बाद सलमान की ओर से दोनों मामलों की अपील राजस्थान हाईकोर्ट में पेश की गई, इस दौरान पांच साल से अधिक की सजा होने से सलमान के विदेश जाने पर रोक लगा दी गई। इस पर सलमान के अधिवक्ता ने कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में अपील पेश की थी।