पीएफ निकालने पर लगेगा टैक्स, नए कर्मियों के खाते में सरकार डालेगी पैसा

नई दिल्ली (29 फरवरी) : वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को पेश बजट 2016 में ईपीएफ (एम्‍प्‍लॉयी पेंशन स्‍कीम) का दायरा और बढ़ाने का एलान किया। भारत सरकार अब EPFO में रजिस्‍ट्रेशन कराने वाले हर नए कर्मचारी के लिए उनकी नौकरी के पहले तीन साल में 8.33 प्रतिशत का योगदान खुद करेगी। इससे नौकरी प्रदाताओं द्वारा बेरोजगारों की भर्ती किए जाने को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, अनियमित कर्मचारियों को ऑन रिकॉर्ड लाने में मदद मिलेगी। इस स्‍कीम के जरिए अर्धकुशल और अकुशल कामगारों को लक्षित करने की योजना है। यह स्‍कीम उन पर लागू होगी, जिनकी मासिक आमदनी 15 हजार रुपए तक है। सरकार ने इस योजना के लिए 1 हजार करोड़ रुपए के फंड का प्रावधान किया है।

नहीं लगेगा सर्विस टैक्‍स

नेशनल पेंशन स्‍कीम 138 के तहत रिटायरमेंट के वक्‍त कुल रकम की 40 प्रतिशत की निकासी पर टैक्‍स में छूट का प्रावधान दिया गया है। बाकी 60 पर्सेंट पर टैक्‍स वसूला जाएगा। ईपीएफ सहित दूसरी मान्‍यता प्राप्‍त पीएफ स्‍कीम के तहत जमा राशि निकालने पर भी यही नियम लागू होंगे। पीएफ खातों के मामले में यह नियम एक अप्रैल 2016 से जमा होने वाली रकम पर लागू होगा। अभी तक पेंशन स्‍कीम या पीएफ खाते से निकासी पर कोई टैक्‍स नहीं देना पड़ता था।

एनपीएस के तहत दी जाने वाली एनुअटी सर्विसेज और ईपीएफओ द्वारा कर्मचारियों को दी जाने वाली सर्विस में सर्विस टैक्‍स से छूट का एलान किया गया है। ये छूट एक अप्रैल 2016 से दी जाएगी। इससे पहले, यह टैक्‍स 14 पर्सेंट होता था।

बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) एक दिन पहले ही पीएफ निकालने के नियमों को कड़ा कर चुका है। उपभोक्ता अब 54 साल की उम्र के बाद अपना पीएफ नहीं निकाल सकेंगे। नए नियम के तहत अब उपभोक्ता को 57 साल की उम्र के बाद ही पीएफ मिल सकेगा। पुराने नियमों के अनुसार ईपीएफओ के शेयर होल्डर 54 साल की आयु पूरी होने के बाद अपने पीएफ खाते की 90 फीसदी राशि निकाल सकते थे। उनके दावों का निपटान रिटायरमेंट के एक साल पहले ही हो जाता था।