नीति आयोग का दावा, नोटबंदी से चार लाख करोड़ के कालेधन का होगा खुलासा

नई दिल्ली ( 27 नवंबर ): केंद्र सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग का दावा है कि 500 और हजार रूपये की नोटबंदी से चार लाख करोड़ रूपये के कालेधन और अघोषित आय का खुलासा होगा। इसमें से दो लाख करोड़ से ज्यादा के नोट बैंकों में जमा नहीं होंगे जबकि लोगों द्वारा घोषित दो लाख करोड़ की गैरकानूनी आय पर कानून के तहत कार्रवाई होगी। नोटबंदी का कदम सीधे तौर पर देश में मुद्रा के भेष में जमा 25 प्रतिशत काली कमाई पर अंकुश लगाएगा।

नीति आयोग के सदस्य एवं जाने-माने अर्थशास्त्री विवेक देबरॉय के मुताबिक देश में कुल मुद्रा 16.4 लाख करोड़ है जिसमें से 500 और हजार के नोट 14.2 लाख करोड़ के हैं। चलन में इनका औसत करीब 8 से सवा आठ लाख करोड़ का था और शेष घर में जमा, कालाधन और अघोषित आय के तौर पर दो-2 लाख करोड़ के औसत में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के खाते में 2.5 लाख रूपये के जमा पर कोई कदम नहीं उठाए जाने की बात कही है। इसे हटाकर शेष दो या सवाल दो लाख करोड़ के नोट जो कालाधन है, वह बैंकों में जमा नहीं होगा। शेष दो लाख करोड़ ऐसा है जिस पर लोगों ने कर नहीं चुकाया है। वह सामने आएगा। देबरॉय के मुताबिक नोटबंदी से होने वाले फायदे और हकीकत का खुलासा सरकार द्वारा अगले वित्तीय वर्ष से पहले कर दिया जाएगा।

सौ प्रतिशत कुछ नहीं सुरक्षित
प्लास्टिक मनी और डिजिटल लेनदेन पर लोगों का विश्वास नहीं होने के मुद्दे पर अर्थशास्त्री ने कहा कि सौ प्रतिशत सुरक्षित तो कुछ नहीं होता। डिजिटल लेनदेन में गड़बड़ी साबित होने पर बैंक से मुआवजा और पूर्ण राशि वापस मिलती है जबकि नोट गिरने, चोरी होने या अन्य किसी तरीके से जाने पर कोई वापसी नहीं है। खर्च के दौरान भी गलतियों की संभावनाएं ज्यादा है। सरकार प्लास्टिक मनी को बढ़ावा दे रही है, क्योंकि यह बेहतर और ज्यादा सुरक्षित है। इसके चलन का प्रतिशत दिन-ब-दिन बढ़ रहा है।

महंगाई पर अंकुश
नोटबंदी से भविष्य में कालाधन नहीं एकत्र होने की गारंटी के मसले पर देबरॉय ने कहा कि यह धारणा पूरी तरह से गलत है। भविष्य में लोग कालाधन देश या विदेश में नहीं जमा कर पाए। इसके लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर पिछले ढाई साल से कदम उठा रही है। कालाधन कानून हो या फिर अघोषित संपत्ति कानून, सभी कुछ कालेधन पर अंकुश लगाने के मद्देनजर किया गया है। विभिन्न स्तरों पर और कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि देश में लगातार बढ़ रही महंगाई पर अंकुश लगे और गरीब व्यक्ति को उसका वास्तविक हक मिले। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से जितने कालेधन पर अंकुश लगेगा। उतने का इस्तेमाल विकास या देश की उन्नति के कार्यों में किया जाएगा।