गरीबों के लिए आई दवाइयां कूडेदान में फेंकी

इंद्रेश पांडे, मिर्जापुर (28 अप्रै)ल: मिर्जापुर से एक खबर आई है जो आपको परेशान कर देगी। सरकारी अस्पताल में गरीबों की दी जाने वाली दवा कूड़े में फेंक दी गई। इसमें कुछ दवाइयां एक्सपायर हो गई है, लेकिन ज्यादातर दवाइयों की एक्सपायरी जुलाई 2017 में होनी है।


इन दवाइयों से कई लोगों की जिंदगी बच सकती थी। अस्पताल के बिस्तरों पर तड़पते मरीजों का दर्द कम हो सकता था। बुखार में इन दवाओं से राहत पहुंचाई जा सकती थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने कूड़े में फेंक दिया। दवाइयां मरीजों के लिए आईं थी। उन मरीजों के लिए जिनके पास बस सरकारी अस्पताल ही एक सहारा है।


यह सभी सरकारी दवाइंया है जिसपर बाकायदे बाहर इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत भी दर्ज है। लेकिन हैरानी इस बात की है कि लाखों की दवाएं अस्पताल में फेंकी गई और सीएमओ साहेब अनजान हैं जिनपर पूरे अस्पताल के देखरेख की जिम्मेदारी है।


मोदी सरकार दवाओं की कीमत कम करने का एलान करती है, लेकिन उनके सपनों को इस तरह के अस्पताल चकनाचूर कर रहे हैं। जहां गरीबों को मुफ्त मिलने वाली दवा फेंक दी जाती है और मरीजों को बाहर से महंगी दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।