काले धन के ऐसे 55 हजार लोगों की हुई पहचान, जाएंगे जेल

नई दिल्ली (20 सितंबर): मोदी सरकार किसी भी कीमत पर काले धन के कुबेरों को छोड़ने के मूड में नहीं है। नोटबंदी के समय फर्जी कंपनियों ने काले धन को जमकर व्हाइट करने का काम किया, जिसके बाद मोदी सरकार ने इनकम टैक्स विभाग से ऐसी कंपनियों के डायरेक्टर्स की जानकारी मांगी। जिसके बाद अब सरकार ने इनसे जुड़े 55 हजार से अधिक डायरेक्टर्स के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं।।

सरकार ने यह कदम इन कंपनियों के परिचालन को रोकने और इनसे जुड़े निदेशकों के भविष्य में इस तरह की किसी अन्य गतिविधि में शामिल होने पर अंकुश लगाने के लिए उठाया है। सरकार आने वाले समय में और भी नामों का खुलासा कर सकती है।

ऐसी मुखौटा कंपनियां जिन्होंने या तो अब तक अपने कारोबार की शुरुआत नहीं की है या लगातार 3 साल तक वार्षिक रिटर्न दाखिल करने में असफल रहीं, से जुडे 1.06 लाख डायरेक्टर्स की पहचान पहले ही की जा चुकी है। सरकार पहले ही इस तरह की 2 लाख से अधिक कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कैंसल कर चुकी है।

इनके अलावा सरकार ने बैंकों से भी कहा है कि वे इन कंपनियों के खातों का उनके डायरेक्टर या अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा परिचालन करने पर रोक लगाएं। इसके अलावा इन कंपनियों की आड़ में की गई मनी लॉन्ड्रिंग एक्टिविटीज की भी जांच की जा रही है। डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी और कॉस्ट अकाउंटेंट जैसे प्रफेशनल्स की भी पहचान की गई है।