देशद्रोह कानून में संशोधन पर विचार कर रही है सरकार!

नई दिल्ली (1 मार्च): जेएनयू में लगे देश विरोधी नारों के बाद उपजे विवाद के बीच केंद्र सरकार अब देशद्रोह कानून में संशोधन का मन बना रही है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में बताया कि लॉ कमीशन देशद्रोह कानून की फिर से समीक्षा करते हुए इसमें जरूरी संशोधन करेगी।

लोकसभा सांसद एमडी राजेश ने लोकसभा में सवाल उठाते हुए कहा था कि देशद्रोह कानून का देशभर में पुलिस मनमाना उपयोग कर रही है। क्या सरकार इसका संज्ञान लेगी? उसी के जवाब में गृह राज्य मंत्री हरिभाई चौधरी ने कहा कि कानून मंत्रालय ने लॉ कमीशन से देशद्रोह कानून और भारतीय दंड संहिता का अध्ययन करने के लिए कहा था। 2014 में उन्होंने कुछ क्षेत्रों पर ध्यान देने के लिए कहा था।

देशद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट की व्याख्या है कि सिर्फ नारेबाजी इस आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके लिए हिंसा के लिए उकसाया जाना भी जरूरी है। इन्हीं कानूनी शब्दों में संशोधन की गुंजाइश को देखने के लिए समीक्षा की जरूरत जताई जा रही है।

गौरतलब है कि जेएनयू में छात्र कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्या को कैंपस में देशद्रोही गतिविधि में कथित संलिप्तता को लेकर गिरफ्तार किया गया है।