सरकार ने टेस्ला मोटर्स को दिया भारत आने का न्यौता

भारत सरकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक कार बनाने वाली अमेरिकी कंपनी टेस्ला को भारत में अपना प्लांट लगाने का न्यौता दिया है। इस ऑफर की दो वजह हैं, पहली तो यह कि केंद्र सरकार मेक इन इंडिया अभियान में भागीदारी बढ़ाना चाहती है, दूसरी वजह ये कि देश में धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ रही है, जो बढ़ते प्रदूषण के लिहाज़ से अच्छा कदम है। सरकार भी प्रदूषण स्तर को घटाने के उपायों पर ज़ोर दे रही है। ऐसे में अगर टेस्ला यहां प्लांट लगाती है तो उसे एशियाई बाजारों तक पहुंच बनाने में ज्यादा आसानी होगी और इलेक्ट्रिक कारों की रेंज में इजाफा होगा। कंपनी प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारें बनाने में महारत रखती है।

बीते हफ्ते अमेरिका दौरे पर गए गडकरी ने कंपनी के सैन फ्रांसिस्को प्लांट का दौरा किया और टेस्ला के अधिकारियों को भारत में बड़ा निवेश करने के लिए कहा। गडकरी ने भरोसा दिया कि कंपनी को बंदरगाह के पास ही जमीन दी जाएगी ताकि बनाई गई कारों को दूसरे देशों में आसानी से भेजा जा सके। मिली जानकारी के मुताबिक नितिन गडकरी ने इलेक्ट्रानिक कार बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी को भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ ज्वाइंट वेंचर के मौके तलाशने के लिए  भी कहा है ताकि भारत सहित आसपास देशों में इन कारों के जरिए बढ़ते प्रदूषण से भी निजात पाई जा सके।

भारत में टेस्ला मॉडल-3 इलेक्ट्रिक कार की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आई। भारत में कंपनी मौजूद नहीं है लेकिन टेस्ला की इस सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक लग्ज़री कार को यहां भी उतारा जाना है। इसकी कीमत 25-30 लाख रूपए के करीब होगी।

 

देश में फिलहाल महिन्द्रा ने ही पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कारें उतारी हुई हैं। इनमें ई2ओ हैचबैक और ई-वेरिटो सेडान शामिल है। हालांकि भारत में इलेक्ट्रिक कारों का रूझान बढ़ रहा है लेकिन अभी भी यह काफी महंगी हैं, इनकी ड्राइविंग रेंज भी कम है और पेट्रोल-डीज़ल पंपों की तरह इनका सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क भी नहीं है। इन वजहों से ग्राहक इन्हें तेज़ी से अपना नहीं पा रहे हैं।

कारदेखो

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