GST: अब मार्च तक स्टिकर लगाकर बेच सकते हैं पुराना माल, सरकार ने दी मंजूरी

नई दिल्ली (24 दिसंबर): सरकार ने कंपनियों को अपने प्रॉडक्ट्स पर नए एमआरपी स्टिकर के साथ बेचने की समयसीमा 31 दिसंबर से तीन महीने बढ़ा कर 31 मार्च कर दी है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। कंपनियां अब तक न बिके प्रॉडक्ट्स पर संशोधित एमआरपी के स्टिकर लगाकर बेच सकती हैं। पहले अनबिके प्रॉडक्ट्स को बेचने की सीमा 31 दिसंबर थी। बता दें कि जीएसटी के स्लैब्स में हुए बदलावों के बाद कई प्रॉडक्ट्स के रेट स्टिकर बदलने पड़े थे।

इस साल 1 जुलाई से प्रभावी जीएसटी के बाद कंपनियों को अनबिके उत्पादों पर संशोधित एमआरपी का स्टीकर लगाने की मंजूरी पहले सितंबर तक के लिए दी गई थी जिसे बाद में दिसंबर तक बढ़ा दिया गया था। नवंबर में करीब 200 उत्पादों पर टैक्स की दर कम करने के बाद मंत्रालय ने अतिरिक्त स्टीकर लगाने की मंजूरी दी थी। 

मंत्रालय ने पिछले महीने पहले से पैक्ड प्रॉडक्ट्स की घटी एमआरपी दिखाने के लिए अतिरिक्त स्टीकर लगाने की मंजूरी दी थी। दैनिक इस्तेमाल की करीब 178 वस्तुओं को 28 प्रतिशत के टैक्स स्लैब से निकालकर 18 प्रतिशत के दायरे में लाया गया था। इसके साथ ही सभी तरह के रेस्ट्रॉन्ट्स एसी और नॉन-एसी दोनों के लिए 5 प्रतिशत की समान दर तय कर दी गई थी।