सरकार का बड़ा कदम, 1.62 लाख कंपनियों के रजिस्ट्रेशन कैंसिल

नई दिल्ली (8 अगस्त): नोटबंदी के बाद अब सरकार ने लंबे समय से लेनदेन नहीं करने वाले कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार ने लंबे समय से किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं करने वाली 1 लाख 62 हजार कंपनियों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए हैं। अकेले मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद में ही इसकी आधी कंपनियां इस तरह की हैं।  

संसद में अपने एक बयान में वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 248 के तहत उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद जुलाई 12, 2017 तक 1,62,618 कंपनियों को कंपनी रजिस्टर से हटा दिया गया था। धारा 248 विभिन्न आधार पर रजिस्टर से कंपनी के नाम को हटाने के लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) को शक्ति प्रदान करता है, जिसमें लगातार दो वित्त वर्ष से किसी भी गतिविधि को अंजाम न देना भी शामिल है।
 
रजिस्टर से हटाई गईं 1,62,618 कंपनियों में से 76,451 कंपनियां अकेले मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद की थीं जिन्हें रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज यानी ROCकी ओर से रजिस्टर से हटाया गया। मुंबई में 33,000 कंपनियां, दिल्ली में 22,863 कंपनियां और हैदराबाद की 20,588 कंपनियों के साथ ऐसा किया गया है।
 
गौरतलब है कि बीते महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 37,000 शेल कंपनियां कर चोरी में शामिल हैं और उनकी पहचान कर ली गई है, जबकि तीन लाख से ज्यादा कंपनियां ऐसी हैं जो नोटबंदी के बाद से ही जांच के घेरे में हैं।