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खबरदारः चाइनीज पटाखे भारत में पूरी तरह बैन, खरीदने-बेचने और चलाने पर हो सकती है जेल

चाइनीज पटाखों के आयात पर प्रतिबंध है और यदि किसी व्‍यक्ति के पास यह पाया जाता है तो उन्‍हें कस्‍टम एक्‍ट के तहत दंडित किया जा सकता है। इस नोटिस में कहा गया है कि चाइनीज पटाखों का इस्‍तेमाल सरकार के एक्‍सप्‍लोजिव रूल्‍स 2008 के खिलाफ है और यह हानिकारक है। इनमें लेड, कॉपर, ऑक्‍साइड और लीथियम जैसे प्रतिबंधित केमिकल्‍स का इस्‍तेमाल किया जाता है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 अक्टूबर): दिवाली से ठीक पहले सरकार ने चाइनीज पटाखों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। सोमवार को कस्‍टम विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर ने इस संबंध में एक नोटिस जारी किया है। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि पटाखों के आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। अगर कोई व्‍यक्ति चाइनीज पटाखों को रखता है, बेचता है या फिर किसी तरह से इसकी डीलिंग करता है तो उन्‍हें कस्‍टम एक्‍ट 1962 के तहत दंडित किया जाएगा।

सरकार की तरफ से जारी इस नोटिस में कहा गया है कि चाइनीज पटाखों का आयात और भारतीय बाजार में इनका इस्‍तेमाल चिंता का विषय है। चाइनीज पटाखों के आयात पर प्रतिबंध है और यदि किसी व्‍यक्ति के पास यह पाया जाता है तो उन्‍हें कस्‍टम एक्‍ट के तहत दंडित किया जा सकता है। इस नोटिस में कहा गया है कि चाइनीज पटाखों का इस्‍तेमाल सरकार के एक्‍सप्‍लोजिव रूल्‍स 2008 के खिलाफ है और यह हानिकारक है। इनमें लेड, कॉपर, ऑक्‍साइड और लीथियम जैसे प्रतिबंधित केमिकल्‍स का इस्‍तेमाल किया जाता है। ये केमिकल्‍स इंसानों के लिए खतरनाक होने के साथ पर्यावरण के लिए भी हानिकारक हैं।

इस साल केंद्र सरकार ने ग्रीन पटाखे जारी किए है। इनमें अनार, पेंसिल, चकरी, फुलझड़ी और सुतली बम शामिल हैं। सरकार का दावा है कि सामान्य पटाखों के मुकाबले ग्रीन पटाखों से प्रदूषण 30 फीसदी तक कम होगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि इस बार दिवाली पर देश भर में प्रदूषण कम करने वाले ग्रीन पटाखे बाजार में मिलेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 में पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद ग्रीन पटाखों पर विचार किया गया। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने ग्रीन पटाखों को बनाने में अहम काम किया। पटाखा कंपनियों ने करीब 230 सहमति-पत्रों और 165 नॉन डिसक्लोजर एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं।

दुनिया में सबसे ज्यादा पटाखों का उत्पादन चीन में होता है। वहीं, इसके बाद भारत का नंबर आता है। भारत में तमिलनाडु के शिवकाशी में सबसे ज्यादा पटाखों का उत्पादन होता है। शिवकाशी में 1000 पटाखा मैन्युफैक्चर्स हैं। इनका सालाना कारोबार 6000 करोड़ रुपये का है।

Images Courtesy:Google

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