भारतीय सेना में 33 साल बाद बदलेगी रैंक

नई दिल्ली (19 सितंबर): भारतीय सेना में 33 साल बाद जूनियर कमिशंड अफसर (JCO) और अदर्स रैंक (OR) के लोगों के लिएकैडर रिव्यू के फैसले को अंतिम मंजूरी मिल गई है। इस फैसले को मंजूरी मिलने का बाद उनके प्रमोशन के चांस बढ़ेंगे। इस फैसले से सेना के करीब साढ़े 11 लाख लोग प्रभावित होंगे।

भारतीय सेना में अब तक 2 बार ही कैडर रिव्यू हो सका है। पहला रिव्यू 1979 में जबकि दूसरा 1984 में हुआ था, जबकि हर 5 साल में कैडर रिव्यू हो जाना चाहिए। तीसरे रिव्यू के लिए 2009 में वाइस चीफ के मातहत स्टडी शुरू हुई जिसे अब जाकर मंजूरी मिली है।

पिछले हफ्ते हुए फैसले के मुताबिक 1,45,137 रैंक बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इन रैंक में नायक, हवलदार, नायब सूबेदार, सूबेदार और सूबेदार मेजर शामिल हैं। इससे लांस नायक/ सिपाही रैंक की संख्या कम होगी। रैंक में बढ़ोतरी पर अमल क्रमबद्ध तरीके से 5 साल में किया जाएगा। 2018 में 30 फीसदी बढ़ोतरी होगी फिर उसके अगले 3 साल तक हर बार 20 फीसदी और 2022 में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।