अब नेता-अधिकारी सरकारी आवास पर नहीं कर सकेंगे अवैध कब्जा

दिल्ली (31 जुलाई): आने वाले समय में सरकारी आवासों पर अवैध कब्जा जमाए बैठे रहने वालों को मुश्किल का सामना करना पर सकता है। कई बाह देखा जाता है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पूर्व सांसदों, नौकरशाहों और अन्य हस्तियां सरकारी आवासों पर लंबे समय तक अवैध कब्जा जमाए बैठे रहते हैं। केंद्र सरकार ने ऐसे लोगों के कब्जे से आवासीय परिसरों को खाली कराना आसान, त्वरित और समयबद्ध बनाने के लिए आज लोकसभा में एक बिल पेश किया।

केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह ने सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अध्यासियों की बेदखली) संशोधन विधेयक 2017 पेश किया। यह बिल संपदा विभाग के अधिकारियों को यह अधिकार प्रदान करता है कि वे निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद भी रह रहे लोगों से लाइसेंस आधारित आवंटित सरकार आवासों को खाली कराना तीन दिन के अंदर शुरू कर देंगे।

इसके लिए संपत्ति अधिकारी को बेदखली आदेश जारी करने से पहले मौजूदा कानून के प्रावधानों का पालन नहीं करना होगा। मौजूदा कानून के प्रावधानों के चलते अवैध कब्जाधारी कुछ मामलों में कई तरह के हथकंडे अख्तियार करते हुए सरकारी आवासों में वर्षों तक जमे रहते हैं। ऐसे लोगों द्वारा हाई कोर्ट से स्थगन आदेश हासिल करने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने का भी विधेयक में पुख्ता इंतजाम किया गया है। बिल के प्रावधान के अनुसार, बेदखली आदेश को चुनौती देकर सरकारी आवासों में अवैध रूप से रहने वाले लोगों से हर महीने के हिसाब से हर्जाना वसूला जाएगा।