अवैध संबंधों की यह कहानी जानकर दंग रह जाएंगे आप

अजीत सिंह, गोरखपुर (7 जून): यूपी की गोरखपुर पुलिस ने दावा किया है कि उसने 11 महीने पहले हुए 1 परिवार के चार लोगों की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। 11 महीने पहले हुए हत्याकांड में सीआरपीएफ के हवलदार की पत्नी, दो बेटियों और बेटे की हत्या उनके घर में ही कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि इस परिवार का बेहद खास एक पड़ोसी था।

31 जुलाई 2015 को गोरखपुर के झरना टोला में अरुण दीक्षित नाम के शख्स ने हैवानियत का ऐसा खेल खेला था जिसने एक परिवार की जिंदगी तबाह कर दी थी। अवैध रिश्तों और पैसे के लेने देन में इस दरिंदे ने एक परिवार के 4 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो 203वीं बटालियन में तैनात हवलदार जवाहर अपनी पत्नी राजिया देवी, बेटियां पूनम और रूबी, अपने बेटे अनूप के साथ इसी घर में रहते थे। लेकिन इस बात से बेपरवाह की उनकी हंसती खेलती जिंदगी में एक हैवान की दस्तक हो चुकी है। पेशे से आटो ड्राइवर अरुण दीक्षित ने जवाहर की गैर-मौजदूगी का फायदा उठाते हुए पत्नी राजिया से नजदीकी संबंध बना लिए। ये संबंध बढ़ते-बढ़ते कब अवैध संबंध में बदल गए इसका अंदाजा जवाहर को तब लगा जब इस हैवान ने पूरे परिवार को मौत की नींद सुला दिया।

11 महीने की लंबी तफ्तीश के बाद पुलिस ने अब इस मामले को सुलझा लिया है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि इस पूरी हत्याकांड के पीछे 10 हजार रुपए का लेनदेन है, जो अरुण ने जवाहर की पत्नी राजिया से उधार लिए थे। 3 हजार रुपए अरुण दीक्षित ने वापस कर दिए थे, लेकिन जब राजिया ने उधार के बाकी 7 हजार रुपए की मांग की तो अरुण दीक्षित ने राजिया को हथौड़े से मौत के घाट उतार दिया। सबूत मिटाने के लिए पहले इस हैवान ने राजिया का कत्ल किया, फिर साथ सो रही बेटी रूबी का भी मर्डर कर दिया। फिर बीच बचाव करने आए बेटे को भी बड़ी बेरहमी के साथ मौत की नींद सुला दिया। अरुण दीक्षित की हैवानित यहीं कम नहीं हुई, छत पर सो रही बेटी को जब इसका पता चला तो उसने उसे भी नहीं बख्शा। दूसरी बेटी पूनम का पहले बलात्कार किया फिर उसकी भी हत्या कर दी।

अरुण दीक्षित की गिरफ्तारी के बाद गोरखपुर पुलिस ने चैन की सांस ली है। 11 महीने से अनसुलझी मर्डर मिस्ट्री के सुलझ जाने पर डीजीपी ने 50 हजार रूपये इनाम देने की घोषणा भी की है, लेकिन जवाहर कनौजिया को पुलिस की दलील गले नहीं उतर रही है। जवाहर कनौजिया मानने को तैयार नहीं है कि 4 लोगों का मर्डर अकेले अरुण दीक्षित नहीं कर सकता। अगर ये सच है तो पुलिस के लिए अभी भी अरुण के साथियों की गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती है।

वीडियो:

[embed]https://www.youtube.com/watch?v=E3wNGBrgzn0[/embed]