गोपालकृष्ण गांधी ने उप-राष्ट्रपति चुनाव के लिए दाखिल किया नामांकन

नई दिल्ली (18 जुलाई): गोपाकृष्ण गांधी ने उप-राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज अपना पर्चा भरा। गोपाल कृष्ण गांधी यूपीए के उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार है। नामांकन भरने के दौरान उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, जेडीयू की ओर से शरद यादव, लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी समेत कई नेता मौजूद थे।

आपको बात दें उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान 5 अगस्त को होंगे। उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचक कालेज में 790 सदस्य हैं जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए 393 सांसदों का समर्थन चाहिए। लोकसभा में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 336 सांसद हैं। वहीं, राज्यसभा में एनडीए के पास 70 सांसद हैं। इस तरह 406 सांसद तो सीधे तौर पर वेंकैया नायडू के साथ हैं। लिहाजा उप-राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी की राहें मुश्किल दिख रही है। 

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात की थी। इस दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि हमारी यह बैठक न सिर्फ देश के बहुलतावादी लोकतंत्र की रक्षा के लिए है, बल्कि हमारी साझा सोच को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हमारा भविष्य जीवन से बुनियादी मूल्यों पर है और हमें इसकी रक्षा करना चाहिए। उन्होंने कहा मौजूदा राष्ट्रपति चुनाव में भले ही आंकड़े हमारे पक्ष में ना हो लेकिन ये लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जानी चाहिए।

वहीं गोपाल कृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद के लिए यूपीए उम्मीदवार बनाए जाने पर शिवसेना ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और गोपाल गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गोपाल कृष्ण गांधी को उम्मीदवार बनाकर संकीर्ण सोच दिखाई है। इससे पहले सोनिया गांधी ने चुनाव में संकीर्ण और सांप्रदायिक सोच के खिलाफ वोट करने की अपील की थी। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि गोपाल कृष्ण गांधी ने 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी याकूब की फांसी रुकवाने की कोशिश की है और कांग्रेस की ओर से उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाना विपक्ष की संकीर्ण सोच दर्शाता है।