चीन की 'चाल' का विदेश मंत्रालय ने कबीर के इस दोहे से दिया जवाब

नई दिल्ली (20 जुलाई): डोकलाम पर चीन के आक्रमक रवैये के बीच भारत ने साफ किया है कि वो इसकी गदड़ भभकी में नहीं आने वाला है और भारत हमेशा बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने के पक्ष में रहा है। डोकलाम में चीन के जारी तनातनी के बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल वागले ने कहा कि हम हमेशा बातचीत पर जोर देते आ रहे हैं। चीन के साथ बातचीत के लिए राजनयिक रास्ते हमेशा खुले हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि NSA अजीत डोभाल बीजिंग में होने वाली ब्रिक्स बैठक में हिस्सा लेन जाएंगे। आपको बता दें कि 26-27 जुलाई को बीजिंग में ब्रिक्स देशों के सम्मेलन होने जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल वागले अंत में कबीरदास के दोहे को पढ़ते हुए कहा कि 'साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय, सार-सार को गहि रहै थोथा देई उडाय'। दोहे में सद्पुरुष के गुण को एक सूप के समान बताया गया है, जैसे सूप केवल अनाज के अच्छे दानों को थोथे दानों से प्रथक कर देता है उसी प्रकार सद्पुरुष को भी अनिवार्य बातों को ग्रहण कर अनावश्यक बातों को छोड़ देना चाहिए। उनका इशारा चीन की हरकतों की ओर था।