यूरोपीय संघ ने गूगल पर लगाया 1.7 अरब डॉलर का जुर्माना, जानें वजह

न्यूज 24 ब्यूरो नई दिल्ली, (20 मार्च): यूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल पर पर 1.7 अरब डॉलर का भारी जुर्माना लगाया है। यूरोपीय संघ ने  बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिहाज से अनुचित व्यवहार करने को लेकर गूगल पर 1.49 अरब यूरो (1.7 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना ऑनलाइन विज्ञापन में अपनी मजबूत स्थिति के दुरुपयोग को लेकर लगाया गया है।

दरअसल गूगल पर हर बार यह आरोप लगता रहा है कि वह अपने मोबाइल डिवाइस रणनीति के तहत गूगल सर्च इंजन को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है। साथ ही आपको  याद दिलाते चलें कि साल 2017 के बाद अभी तक गूगल पर लगने वाला यह तीसरा बड़ा जुर्माना है। गौरतलब है कि यूरोप गूगल, अमेजन, ऐप्पल और फेसुबक जैसी कंपनियों पर कड़ाई से नजर रखता है और नियमों के उल्लंघन होने पर जांच करता है।
गूगल पर यह भी आरोप है कि वह तमाम एंड्रॉयड डिवाइस में मौजूद अपने सर्च इंजन और ब्राउजर का गलत इस्तेमाल करता है और किसी प्रोडक्ट के सर्च होने पर विज्ञापन के रूप में अपना ही प्रोडक्ट दिखाता है। बता दें कि गूगल सभी एंड्रॉयड फोन निर्माता कंपनियों को मुफ्त में अपना एंड्रॉयड सिस्टम देता है और बदले में मोबाइल कंपनियों को गूगल के क्रोम, ब्राउजर, यूट्यूब जैसे ऐप फोन में प्री-इंस्टॉल करके देने पड़ते हैं। 

माइक्रोसॉफ्ट ने ईयू प्रतिस्पर्धा आयोग के पास 2009 में इसकी शिकायत की थी और आयोग ने 2016 में इसकी औपचारिक जांच शुरू की। पिछले साल वेस्टैगर ने कंपनी की एंड्रॉयड परिचालन प्रणाली की जांच के बाद 4.34 अरब यूरो (5 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया। वहीं 2017 में ऑनलाइन शॉपिंग सर्च परिणाम से जुड़े मामले में 2.42 अरब यूरो का जुर्माना लगाया था।