शुक्र-शनि और गुरु के शुभ संयोग के साथ 59 साल बाद आयी है दिवाली

नई दिल्ली (30 अक्टूबर): इस बार दिवाली पर 59 साल बाद महासंयोग बन रहा है। 59 साल बाद शुक्र, शनि और गुरु का दृष्टि संयोग बन रहा है जो कई राशियों पर अच्छा असर डालने वाला है। इस बार दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा और पूजा ज्यादा फलदायी होगी।

- अमावस्या तिथि शनिवार को ही रात में 07 बजकर 52 मिनट से लग गई है जो रविवार की रात में 09 बजकर 44 मिनट तक रहेगी।

- उदया तिथि के अनुसार अमावस्या का मान सूर्योदय से ही मिल रहा है। साथ ही प्रदोष काल का बहुत ही उत्तम योग मिल रहा है।

- इसके अतिरिक्त चित्रा नक्षत्र सूर्योदय से दिन में नौ बजकर 02 मिनट तक रहेगा, उसके बाद स्वाति नक्षत्र लग जायेगा।

- सूर्योदय से रात 10:41 तक प्रीति योग और पदम योग व्याप्त रहेगा जो एक अति उत्तम संयोग है। 

- महानिशीथ काल की पूजा मध्यरात्रि 12:40 से 2:00 बजे के मध्य की जा सकती है।

- रविवार की दोपहर में 01:36 बजे से 03:08 बजे तक एक अन्य स्थिर लग्न कुम्भ का मुहूर्त पूजन हेतु मिल रहा है।

- इसी लग्न में खाता-बही का पूजन किया जा सकता है।