आपके सोने के जेबरात असली हैं या नकली...झट से यूं पहिचानिये !

नई दिल्ली (24 फरवरी): जैसे जैसे महंगाई बढ़ी है वैसे-वैसे नकली सामान बेचने वालों की तादाद भी बढ़ गयी हैं। खासकर सोने और उसके गहनों में अक्सर बेईमानी हो जाती है। बाजार में एक से बढ़ कर एक नकली आभूषण मिलते हैं, जिसमें फर्क समझ पाना बहुत ही मुश्किल होता है।  आज हम आपको असली और नकली गहने की पहचान करना बता रहे हैं, जिससे कि आप आसानी से नकली गहने की पहचान कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं :

- सोने को घिसकर देखें

सोने को थोड़ा सा घिसकर देखने से भी इसका पता आसानी से लगा सकते हैं। क्योंकि। जब आप सोने को घिसेंगे तब वह व्हाइट पाउडर छोड़ता है, जबकि अगर ये नकली हुआ, तो उसपर चढ़ी गोल्ड की लेयरिंग घिस जाएगी और नीचे काला या कुछ मटमैली सी धातु दिखेगी।

- मुंह से काटकर देखें

सॉलिड गोल्ड का सिक्का हो या जूलरी, इसे ठीक बीच से जितनी जोर से काट सकें, काटें। क्योंकि, प्योर गोल्ड पर दांतों के निशान नहीं होंगे, अगर निशान मिलें, मतलब सोना नकली है।

- एसिड टेस्ट

एक स्टेनलेस स्टील के बर्तन में टेस्ट करने वाला गोल्ड पीस लेकर उसपर नाइट्रिक एसिड की कुछ बूंदे डालें। अगर सोना हरा हो जाए, गोल्ड या व्हाइट कलर में रिएक्शन मिले, मतलब इसमें मिलावट है, जबकि प्योर गोल्ड पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

- चुंबक

अच्छी क्वालिटी का चुंबक इसके लिए इस्तेमाल करें। सोने में मैग्नेटिक पॉवर नहीं होता, अगर चिपके तो ये नकली है। हालांकि ये सोने में मिलाए गए मेटल पर निर्भर करता है, अगर नॉन-मैग्नेटिक मेटल मिला सोना होगा, तो इस ट्रिक में वो पकड़ नहीं आएगा।

- हॉलमार्क

कई लोकल जूलरी मेकर्स भी हॉलमार्क के साथ जूलरी या गोल्ड कॉइन बेचते हैं। इसलिए कोशिश करें कि उन्हीं शॉप्स से गोल्ड शॉपिंग करें जो ये सर्विस देते हों। हालांकि ऐसे गोल्ड की कीमत बिना हॉलमार्क वाले गोल्ड से ज्यादा होगी, लेकिन 'एक हद तक' ये प्योर सोने की पुष्टि करता है।

- हॉलमार्क की पहचान

असली हॉलमार्क में भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होने के साथ ही इसपर हॉलमार्क करने वाले सेंटर का लोगो और सोने की प्योरिटी (कैरेट में) भी लिखी होती है।