मनु भाकर का जमीन पर बैठाकर सम्मान, पिता बोले- बुर्जुगों के लिए छोड़ी कुर्सी

नई दिल्ली(18 अप्रैल): हरियाणा के चरखी दादरी में कॉमनवेल्थ विजेता खिलाड़ियों को फोगाट खाप द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह में खाप पंचायतों व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विनेश, बबीता और मनु को सम्मानित किया गया। खाप के इस कार्यक्रम में मनु भाकर को सम्मानित करते वक्त जमीन पर बैठाया गया, हालांकि मनु भाकर के पिता ने कहा कि समारोह में गोल्डन गर्ल मनु भाकर ने बुर्जुगों के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर आज की युवा पीढ़ी के सामने एक उदहारण पेश किया है। उनके इस कदम में हमारे हरियाणा के संस्कारों की खुशबू झलकती है। कार्यक्रम के बाद जहां बलाली बहनें बबीता व विनेश फोगाट की दर्द भी सामने आया। वहीं महाबीर फोगाट ने ऑस्ट्रेलिया में हुई दंगल फिल्म की कहानी के दर्द को साझा किया। 

समारोह के बाद बलाली बहनों ने अपने दर्द को सांझा करते हुए कहा कि वे देश-प्रदेश के लिए खेलकर मेडल ला रही हैं। बावजूद इसके उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। बबीता फोगाट ने कहा कि उससे नीचे के खिलाड़ियों को हरियाणा सरकार द्वारा डीएसपी बना दिया गया। लेकिन वह अब भी सब इंस्पेक्टर ही हैं। उम्मीद है उन्हें न्याय मिलेगा। 

विनेश के अनुसार, रियो में उन्हें गहरी चोट लगी थी, तो कॉमनवेल्थ के गोल्ड से वह नहीं भर सकता। डेढ वर्ष के दौरान स्ट्रॉन्ग रहकर अच्छा रिजल्ट पाने के लिए घर नहीं आई। अब गोल्ड लेकर आई, तो अच्छा लगा। मैच के दौरान उसने डबल लैग का स्ट्राक लगाकर गोल्ड जीता है। अब वह एशियन व वल्र्ड चैंपियनशीप की तैयारियों पर ध्यान देगी। व

हीं कार्यक्रम में मौजूद रहे महावीर फोगाट ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में पहली बार बेटियों का मैच देखने गए थे। वहां पर टिकट नहीं मिलने के कारण बबीता के सुबह की शिफ्ट के मैच नहीं देख पाए। खिलाड़ियों के कोच की टिकट की जिम्मेदारी होती है। हम अपने खर्चे पर ऑस्ट्रेलिया गए और मैच भी नहीं देख पाए। ऐसा होने से उनका हौंसला भी कम होता है।