करतारपुर कॉरिडोर: सिद्धू के पाकिस्तान जाने पर बोले कैप्टन- 'ये उनका सोचने का तरीका है'

न्यूज 24 ब्यूरो,नई दिल्ली (26 नवंबर): सोमवार को उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने करतारपुर साहिब गलियारे की आधारशिला रखी।सिख श्रद्धालुओं के लिए इस गलियारे के रास्ते पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब जाना सुगम हो जाएगा। आपको बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अंतरार्ष्ट्रीय सीमा के उस पार करतारपुर गलियारे के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के पाकिस्तान सरकार का आमंत्रण ठुकरा दिया है। वहीं उनकी सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तान का न्योता स्वीकार कर लिया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने के फैसले पर कहा कि ये उनकी इच्छा है और इसमें मैं कुछ नहीं कह सकता। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री और सिख होने के नाते हम यह (करतापुर कॉरिडोर) चाहते थे, लेकिन मेरी जिम्मेदारी की भी जो मुझे पाकिस्तान जाने से रोकती है।

अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान संघर्ष विराम का उल्लंघन करना बंद करे। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान भारतीय सैनिकों पर हमले करना बंद नहीं करेगा, वह गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने पाकिस्तान नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना के प्रमुख बतायें कि उन्होंने निर्दोष सैनिकों पर हमला करने की शिक्षा कहां से ली है। मुख्यमंत्री होने के नाते वह पाकिस्तान नहीं जा रहे क्योंकि वह अपने नागरिकों के रक्षक हैं।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, “पाकिस्तान पहले पातशाही के प्यार के पैगाम को सीखे तथा हमले करना बंद करे।  हमारे पास पाकिस्तान से बड़ी सेना है लेकिन हमारा शांतिप्रिय देश है, अगर पाकिस्तान ने गड़बड़ी की कोशिश की तो हमारी भी पूरी तैयारी है लेकिन हम जंग करना नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि शांति से देश का विकास किया जाए।” उन्होंने 26/11 हमले पर बोलते हुए कहा कि यह बुजदिली थी, जो पाकिस्तान ने की।

मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा कि करतारपुर साहिब के दर्शन करने के लिए संगतों को बिना वीजा जाने की इजाजत दी जाए। उन्होंने कहा कि पहली पातशाही की याद में एक गेट भी गलियारा में बनाया जाएगा जिसका नाम करतारपुर द्वार रखा जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का धन्यवाद भी किया। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि कारिडोर का काम 550वां प्रकाशोत्सव साल खत्म होने से पहले ही गलियारा बन कर तैयार हो जाएगा।