केंद्रीय सूचना आयोग का बड़ा आदेश, गोडसे के बयान को करें सार्वजनिक

नई दिल्ली (17 फरवरी): केंद्रीय सूचना आयोग ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के बयान को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। CIC ने गांधी की हत्या से जुड़े मुकदमे में नाथूराम गोडसे के बयान सहित अन्य संबंधित रेकॉर्ड को तुरंत नैशनल आर्काइव्ज (राष्ट्रीय अभिलेखागार) की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए।

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु ने कहा है कि कोई नाथूराम गोडसे और उनके सह-आरोपी से इत्तेफाक भले ही ना रखें, लेकिन हम उनके विचारों का खुलासा करने से इनकार नहीं कर सकते।'सूचना आयुक्त ने साथ ही अपने आदेश में यह भी कहा, 'ना ही नाथूराम गोडसे और ना हीं उनके सिद्धांतों और विचारों को मानने वाला व्यक्ति किसी के सिद्धांत से असहमत होने की स्थिति में उसकी हत्या करने की हद तक जा सकता है।' दक्षिणपंथी कार्यकर्ता नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी।

याचिका दायर करने वाले आशुतोष बंसल ने दिल्ली पुलिस से इस हत्याकांड की चार्जशीट और गोडसे के बयान समेत अन्य जानकारियां मांगी हैं। दिल्ली पुलिस ने उनके आवेदन को नैशनल आर्काइव्ज ऑफ इंडिया के पास यह कहते हुए भेज दिया कि संबंधित रेकॉर्ड नैशनल आर्काइव्ज को सौंपे जा चुके हैं। नैशनल आर्काइव्ज ऑफ इंडिया ने बंसल से कहा कि वह रेकॉर्ड देखकर खुद ही सूचनाएं प्राप्त कर लें।