राष्ट्रीय पक्षी मोर को 'उत्पाती पशु' मानती है गोवा सरकार

पणजी (12 फरवरी) :  राष्ट्रीय पक्षी मोर को क्या कोई राज्य 'उत्पाती पशुओं' की फेहरिस्त में शामिल कर सकता है। गोवा राज्य ऐसा ही करने जा रहा है। गोवा सरकार ने मोर को 'उत्पाती पशुओं' की फेहरिस्त में डालने का प्रस्ताव किया है।

गोवा के कृषि मंत्री रमेश तावडकर ने गुरुवार शाम को मारगाओ में कहा, "हमनें कुछ जंगली प्रजातियों, जिनमें जंगली भालू, बंदर, जंगली भैंसा, मोर शामिल हैं, उन्हें उत्पाती पशुओं में सूचीबद्ध किया है। ये पशु किसानों के लिए समस्याएं खड़ी कर रहे हैं। साथ ही ये ग्रामीण इलाकों में फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।"  

गोवा सरकार के इस कदम पर पर्यावरणविद् से तीखी प्रतिक्रियाएं मिल सकती हैं। मोर जहां राष्ट्रीय पक्षी है वहीं जंगली भैंसा गोवा का राज्य पशु होने के साथ संरक्षित प्रजाति है। गोवा सरकार के इस कदम के बाद इनके अस्तित्व को खतरा हो सकता है।

बता दें कि गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पार्सेकर ने हाल में राज्य विधानसभा में कहा था कि सरकार बंदर और अन्य कुछ पशुओं को 'उत्पाती पशु' घोषित करेगी क्योंकि ये किसानों के लिए नुकसान का सबब बन गए हैं। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा था कि राज्य के कुछ हिस्सों से 'मंकी फीवर'  की भी रिपोर्ट मिली हैं।