नाइजीरियन लोगों के रवैये से नाराज़ हैं लोग: CM, गोवा

नई दिल्ली (1 जून): अफ्रीकियों पर हुए हमलों के बाद खराब होती छवि को सुधारने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से उठाए जा रहे कदमों के बीच एक और विवाद पैदा हो गया है। गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने इस मामले में एक बयान देकर फिर से मामले को तूल दे दिया है। लक्ष्मीकांत ने कहा है कि साधारण तौर पर लोग नाइजीरियाई लोगों से इसलिए नाराज हैं, क्योंकि उनका रवैया ही अलग होता है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री हाल ही में हुई उन घटनाओं से जुड़े आरोपों से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। जिनमें गोवा में नाइजीरियाई नागरिक के साथ रेप और दिल्ली में 'नस्लीय' हमले हुए थे। 

तटीय राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार के मुख्यमंत्री पारसेकर ने कहा, "गोवा में हर देश से लोग आते हैं। लेकिन साधारण तौर पर यहां के लोग उनके (नाइजीरियाई लोगों के) व्यवहार और रवैये को लेकर उखड़े हुए रहते हैं। क्योंकि, कई बार मुझे नाइजीरियाई लोगों के बारे में शिकायत मिलती हैं।"

पारसेकर के बयान पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस तरह बीजेपी सरकार का नस्लीय रवैया जाहिर हो गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, "पहले (केंद्रीय राज्यमंत्री) वीके सिंह और अब गोवा के मुख्यमंत्री अफ्रीकी महाद्वीप और देशों के लोगों के बारे में भेदभावपूर्ण टिप्पणी कर रहे हैं। जिनमें नाइजीरिया भी शामिल है। दोनों ही बीजेपी से ताल्लुक रखते हैं।"

सुरजेवाला ने कहा, "उन्हें एहसास नहीं होता कि हमारा पूरे अफ्रीका महाद्वीप के साथ ऐतिहासिक नाता रहा है। जिनमें महात्मा गांधी का अफ्रीका में संघर्ष शामिल है। जिस तरीके से हम पर्यटकों का अपमान कर रहे हैं, खासकर अफ्रीकी देशों से आए, यह बीजेपी सरकार के नस्लीय रवैये को खूब साफ करता है।"

एक दूसरे सवाल पर पारसेकर ने कहा, राज्य सरकार राज्य में गैरकानूनी तरीके से रह रहे विदेशियों की खोजबीन कर रही है। उन्होंने कहा, "ना केवल नाइजीरिया के लोगों को बल्कि किसी भी देश के लोगों को गैरकानूनी तौर पर रहने पर डिटेंशन फैसिलिटी में लिया जाएगा। हम डिटेंशन फैसिलिटी के लिए किसी जगह की तलाश कर रहे हैं। हम किसी पहले की जगह को भी इसमें बदल सकते हैं।"

गौरतलब है, पिछले कुछ दिनों में अफ्रीकी नागरिकों पर कई हमले हुए हैं। जिनमें कांगो के एक युवक की हत्या शामिल है। इसके अलावा हैदराबाद में 23 वर्षीय नाइजीरियाई स्टूडेंट पर हमला की घटना भी हुई। जिसके बाद अफ्रीकी राजदूतों की नाराजगी सामने आई है।