जनरल मोटर्स के बाद भारत छोड़ सकती हैं ये 5 कंपनियां



नई दिल्ली (4 जून): भारत में करीब 20 साल बिताने के बाद अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स ने भारत छोड़ने का ऐलान किया तो बाजार में हड़कंप मच गया। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि जनरल मोटर्स के बाद कुछ दूसरी कंपनियां भी भारत से अपना बिजनेस समेट सकती हैं।


इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि इन कंपनियों की गाड़‍ियों को भारत में कुछ ज्यादा तव्वजों नहीं दी जा रही। भारत में 17 कार निर्माता कंपनियां हैं और इनमें से टॉप चार कंपनियों का 75 प्रतिशत बाजार पर नियंत्रण है। 2016-17 में जनरल मोटर्स ने भारत में महज 25,823 कारें बेची थीं, जिसके बाद उसे यह फैसला लेना पड़ा।


आइए जानते हैं कुछ वैसी कार कंपियों का हाल, जिन्हें भारत में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है...


फोक्सवैगन:

दुनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने पिछले साल दुनिया में 1 करोड़ से ज्यादा कारें बेची। लेकिन भारतीय यूनिट ने 2016-17 में 50,042 कारें बेचीं और 1.6 प्रतिशत मार्केट पर कब्जा किया।


स्कोडा:

स्कोडा भी भारत में बहुत कठिनाई का सामना करती दिख रही है। स्कोडा इंडिया ने 2016-17 में महज 13,712 कारें बेचीं और यह मार्केट शेयर के लिहाज से महज 0.45 प्रतिशत है।


फोर्ड:

इसी तरह फोर्ड को भी तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। फोर्ड ने ने 2016-17 में महज 91,405 कारें बेचीं।


फिएट:

भारत में इसकी मौजूदगी सुजुकी से भी पहले से है, लेकिन 2016-17 में कुल 5,665 कारों की बिक्री के साथ कंपनी महज 0.0018% मार्केट शेयर ही हासील कर पाई।


निशान:

भारत में निशान की स्थिति फिएट के मुकाबले बेहतर है। 2016-17 में उसने 57,300 कारें बेचकर 1.88 प्रतिशत मार्केट पर कब्जा किया।