चीनी मीडिया ने दोहरायी मोदी की वॉर्निंगः चाईना-पाक कॉरिडोर चीन के लिए खतरनाक

नई दिल्ली (19 जनवरी): चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) पर बढ़ता खर्च खुद चीन के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है। 46 अरब डॉलर की लागत से बनाए जाने वाले इस इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर चीन को अपने ही अखबार ने चेताया है। सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि पीओके से गुजरने वाला यह प्रोजेक्ट दोनों देशों के लिए आसान नहीं है। इस लेख में यह भी कहा गया है कि यह प्रोजेक्ट जटिल क्षेत्रीय माहौल की वजह से जोखिम का सामना कर रहा है। इसमें कॉरिडोर पर काम कर रहे 7,036 चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान द्वारा 14,503 सुरक्षाकर्मियों की कथित तैनाती की तरफ भी इशारा किया गया। लेख में यह भी लिखा गया है कि एक ही जगह सब कुछ झोंकना बेवकूफी होगी। इस परियोजना से भारत-चीन संबंध भी प्रभावित हुए हैं।

 प्रधानमंत्री मोदी ने चार सितंबर को होंगझोउ में जी20 बैठक से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात में इस परियोजना को लेकर चिंता जताई थी। लेख में हालांकि परियोजना को लेकर भारत का कोई संदर्भ नहीं दिया गया। लेख में चीन को नसीहत दी गई है कि वह अशांत पाकिस्तान की बजाए दक्षिण एशिया में दूसरे नए बाजारों को ढूंढने पर ध्यान केंद्रित करें। लेख में हालांकि यह भी लिखा गया है कि सीपीईसी को लंबे समय से चीन-पाकिस्तान आर्थिक सहयोग के प्रतीक के तौर पर देखा जाता रहा है। ऐसी संभावना नहीं है कि चीन हाल फिलहाल सीपीईसी को लेकर अपने सहयोगी रवैये को बदलेगा लेकिन सुरक्षा पर बढ़ता खर्च परियोजनाओं को प्रभावशाली तरीके से आगे बढ़ाने में एक बड़ी समस्या बन रहा है।