मुरथल काण्ड: बहशियों से बचाने के लिए लड़कियों को पानी की टंकी में छिपाया

नई दिल्ली (28 फरवरी): जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान महिलाओँ और लड़कियों के साथ हुई ज्यादतियों की सच्चाई एक-एक कर सामने आ रही हैं। शिमला की रहने वाली एक महिला ने जो बातें बतायीं हैं वो सल्तनत काल में हुए आत्याचारों की याद ताजा करा देती हैं। इस महिला के मुताबिक मुरथल के ढाबे वालों ने घटना वाली रात कई लड़कियों को बहशियों के हाथों  से बचाने के लिए पानी की टंकियों में छिपा दिया था। इसके बावजूद कई लड़कियों से गैंग रेप हुआ।

मुरथल में हुई वहशियाना हरकत के एक चश्मदीद सिख ट्रक ड्राइवर ने बताया था कि 23 फरवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे वह वहां पहुंचे थे। वहां भारी जाम लगा हुआ था। करीब 2 बजे आवारा लड़कों ने ट्रक में आग लगा दी। कुछ महिलाएं और लड़कियां चंडीगढ़ की तरफ से आ रही थीं। वो पैदल ही आगे जाने की कोशिश कर रही थीं,लेकिन कुछ लड़कों ने कहा कि आप इस रास्ते से मत जाओ, खतरा हो सकता है। आप गांव के रास्ते से निकल जाइए। जब वे गांव के रास्ते कुछ दूर पहुंचीं तो आवारा लड़के उनके कपड़े फाड़ने लगे। इसके विपरीत, केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कि मुरथल में गैंग रेप की मीडिया रिपोर्ट्स की जांच के लिए  राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम वहां भेजी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।