पहले इन लड़कियों को खिलाते थे नशीली दवाई और फिर...

रायपुर (19 जुलाई): छत्तीसगढ़ के बालोद से गायब हो रही लड़कियों का भंड़ाफोड़ करते हुए पुलिस ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोपी शेरू उर्फ सुरेंद्र सोनकर को इलाहाबाद (यूपी) के करचना थाने में सरेंडर करने पर मजबूर किया। इसी के साथ उसके चंगुल से छुड़ाई गई 18 लड़कियों को लेकर शेरू का भाई दीपक रायपुर पहुंचा तो उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

नशा खिलाकर गंदा काम... - शेरू के चंगुल से छत्तीसगढ़ की 32 लड़कियां छुड़ाई जा चुकी हैं। - लौटाई गई एक लड़की ने कहा- "साहब, हमें एक दवाई खिलाई जाती थी और उसके बाद नाचने के लिए कहा जाता।" - "हमारे डांस के दौरान ही वे हमारा सौदा पक्का कर लेते और प्रोग्राम खत्म होते ही हमें कस्टमर को खुश करने भेज दिया जाता।" - पुलिस ने दीपक से विजिटिंग कार्ड के साथ-साथ हर लड़की से होने वाली कमाई की लिस्ट भी बरामद की है। - ऑर्केस्ट्रा ग्रुप के नाम पर बने विजिटिंग कार्ड से नंबर शेयर किया जाता था और लड़कियों की सर्विस दी जाती थी। दबाव में आया तो छोड़ा

क्या है पूरा मामला - बालोद में कुछ लड़कियों के गायब होने की बातें सामने आ रही थीं। - पुलिस ने जब गहराई से जांच की इसके पीछे एक रैकेट सामने आया, जिसमें डांस कराने के नाम पर लड़कियों को गलत धंधे में फंसाया जा रहा था। - यह बात भी सामने आई कि इसमें लोग पैसे के लालच में स्वेच्छा से लड़कियां भेज रहे थे और बाद में असली कहानी पता चलते पर पुलिस के पास पहुंच रहे थे।