ब्रेकअप के बाद ब्वॉयफ्रेंड पर कौन सा आरोप नहीं लगा सकती लड़की, जानने के लिए पढ़ें ये खबर !

नई दिल्ली (23 जनवरी): ब्वॉयफ्रेंड के साथ ब्रेकअप के बाद लड़कियां उस पर शादी का वादा कर रेप करने का आरोप लगाती हैं। इस तरह के मामले में बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा है कि शादी करने का वादा, रेप के हर मामले में प्रलोभन के तौर पर नहीं देखा जा सकता।


अदालत ने कहा कि पढ़ी-लिखी लड़कियां यदि अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ यौन संबंध बनाती हैं और बाद यदि प्रेमी उन्‍हें छोड़ दे तो लड़कियों को अपने फैसले की जिम्‍मेदारी लेनी होगी।

रेप के एक मामले में 21 साल के युवक को गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत देते हुए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। युवक की प्रेमिका ने ब्रेकअप के बाद उस पर रेप का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।


जस्टिस मृदुला भाटकर ने कहा कि एक पढ़ी-लिखी लड़की जो शादी से पहले शारीरिक संबंधों के लिए राजी हुई है उसे अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए।जज ने कहा कि हालांकि समाज बदल रहा है लेकिन फिर भी यह नैतिकता का बोझ ढो रहा है। पीढ़ियों से हमारे समाज में यह बात चली आ रही है कि लड़की को उसकी शादी तक अपने कौमार्य को बनाए रखना चाहिए। समाज स्‍वतंत्र होना चाहता है लेकिन नौतिकता के बोझ को भी लेकर चल रहा है जिसमें यह माना जाता है कि शादी के पहले यौन संबंध गुप्‍त रहने चाहिए। इस तरह की परिस्थितियों में एक लड़की जो किसी लड़के से प्‍यार करती है वो यह भूल जाती है कि यौन संबंध उसके लिए एक विकल्‍प है लेकिन बाद में वो अपने ही निर्णय की जिम्‍मेदारी नहीं लेती।


कोर्ट ने कहा कि रेप के ज्यादातर मामले रिलेशनशिप में दरार आने के बाद दर्ज कराए जा रहे हैं जो कि एक ट्रेंड बन चुका है। कोर्ट लड़की की मुश्किलों के साथ आरोपी की आजादी और जिंदगी के बारे में भी सोचेगा।

कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को भी दोहराया जिसमें कहा गया था कि बालिग होने के बाद एक पढ़ी लिखी लड़की शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने को लेकर फैसला लेने में सक्षम है और इसके अंजाम के बारे में भी सोच समझ सकती है।