जब खुली इस खूबसूरत लड़की की पोल तो हर कोई रह गया हैरान


केजे श्रीवत्सन, जयपुर (17 मई): मुंबई की एक नामी डीजे को गिरफ्तार करने राजस्थान से पुलिस की टीम पहुंची तो ब्लैकमेलिंग के सबसे बड़े रैकेट से पर्दा हट गया। ये रैकेट चुन चुनकर हाईप्रोफाइल और अमीर लोगों को हनी ट्रैप का शिकार बनाकर वसूली करता था। ये लड़की नाम बदलकर, शहर बदलकर और काम बदलकर रह रही थी, लेकिन एक फेसबुक अपडेट ने उसे हवालात में पहुंचा दिया।


जयपुर के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने हाईप्रोफाइल ब्लैकमेलर्स के एक बहुत बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। इस रैकेट ने पिछले 2 सालों में 25 से ज्यादा हाईप्रोफाइल घरों को बर्बाद किया है। इज्जतदार लोगों को हनी ट्रेप में फंसाकर 15 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूल कर चुका है। ब्लैकमेलिंग के पैसों से शिखा तिवारी डीजे बन गई, लेकिन जयपुर के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने जब ब्लैकमेलर्स के रैकेट के सुराग ढूंढना शुरू किया तो शिखा उर्फ अंकिता उर्फ अदा का चेहरा सामने आया। डीजे अदा को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। डीजे वाली ब्यूटी ब्लैकमेलर जयपुर के एक नामी डॉक्टर को ब्लैकमेल करके 1 करोड़ 5 लाख रुपए झटक चुकी है।


जयपुर में पहले इस गैंग ने एक डॉक्टर को टारगेट किया। फिर शिखा उसके पास पेशेंट बनकर पहुंची। धीरे-धीरे उससे दोस्ती बढ़ाई, उसके वीडियो बनाए और फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का दौर। जब डॉक्टर ने रुपये देने से मना कर दिया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। 75 दिन तक डॉक्टर जेल में रहा, लेकिन अदालत में ये लड़की अपने आरोपों से मुकर गई। पैसे लेकर उसने डॉक्टर को छुड़वा भी दिया। यही इस गैंग के काम करने का स्टाइल था।


पुलिस की गिरफ्त में अब तक इस रैकेट के 33 लोग आ चुके हैं। ये लोग हनीट्रैप के जरिये पैसे वाले लोगों को फंसाते थे। इनका सरगना नवीन देवानी कुछ दिन पहले ही गोवा से गिरफ्तार हुआ था। हर नई गिरफ्तारी के बाद ब्लैकमेलिंग की नई कहानी सामने आ रही है। इस रैकेट में पुलिस कांस्टेबल से लेकर वकील तक शामिल थे।


कैसे चलता था ब्यूटी और ब्लैकमेलिंग का रैकेट ?

- कांस्टेबल हरिकिशन रैकेट के लिए उत्तराखंड, हिमाचल, राजस्थान और दिल्ली से लड़कियां लाता था।

- हर मामले के लिए कांस्टेबल हरिकिशन को एक-एक लाख रुपये मिलते थे।

- जबकि हनी ट्रैप के बदले लड़कियों को सिर्फ 15 से 20 हजार रुपये दिये जाते थे।

- इसके बाद वकील नवीन देवानी कानूनी पचड़े में फंसाने की धमकी देता था।

- रुपये नहीं देने पर वही कानूनी कार्रवाई करवाता था।

- अक्षय शर्मा नाम का लड़का पत्रकार बनकर हनीट्रैप के शिकार को डराता था।


इस रैकेट का भंडाफोड़ तक हुआ, जब जयपुर में एक हिस्ट्रीशीटर हिम्मतसिंह का मर्डर होता है। मर्डर के आरोप में आनंद शांडिल्य नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आनंद शांडिल्य से पूछताछ में रसूखदारों के हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग की कहानी भी सामने आ गई।


ब्यूटी ब्लैकमेलर गैंग के शिकार

पहला शिकार- फरवरी 2014 - बिल्डर - 35 लाख

दूसरा शिकार - मई 2014 - ईएनटी डॉक्टर - 1.40 करोड़

तीसरा शिकार - जून 2014 - बिल्डर - 50 लाख

चौथा शिकार - प्रॉपर्टी डीलर - 80 लाख

पांचवा शिकार - एक्सपोर्टर - 23 लाख

छठा शिकार - रिसोर्ट मालिक - 45 लाख

सातवां शिकार - दिसंबर 2016 - इंटीरियर डेकोरेटर - 10 लाख

आठवां शिकार - ठेकेदार -  2.5 लाख

नवां शिकार - फाइनेंसर - 2.5 लाख

दसवां शिकार - बैंक मैनेजर - 7 लाख वसूले


इस ब्लैकमेलर गैंग ने बैंक के गार्ड से लेकर धोबी तक को ब्लैकमेल किया। उदयपुर में चार मार्बल व्यापारियों से 1 करोड़, उदयपुर में एक फिल्म डायरेक्टर से 20 लाख, बीकानेर में एक एड फिल्म कंपनी के डायरेक्टर से डायरेक्टर से 30 लाख और ब्यावर के मार्बल व्यवसायी से 35 लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस को शक है कि पूछताछ में अभी और कहानियां सामने आएंगी।